ग्राम पंचायत में गंदगी के अंबार, सफाईकर्मी नदारद – ग्रामीणों की ज़िंदगी बनी नर्क!

जन एक्सप्रेस मानिकपुर (चित्रकूट):विकासखंड मानिकपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों इन दिनों बदहाली की ऐसी मिसाल बन चुकी है, जहां गंदगी की वजह से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। गांव की गलियों में कूड़े के ढेर, नालियों से बहता गंदा पानी, और चारों ओर फैलती दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। ग्राम पंचायत सरहट मजरा रूलर, गढ़चपा, रानीपुर,बगदरी की ग्राम पंचायत में गंदगी का ढेर लगा है लेकिन प्रशासन के चश्मा में नहीं दिखाई दे रहा। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ग्राम पंचायत में सफाईकर्मी नियुक्त होने के बावजूद उनका कोई अता-पता नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों बीत जाते हैं, लेकिन सफाईकर्मी के दर्शन तक नहीं होते।
ग्रामीणों का दर्द:
“हमारी ज़िंदगी नर्क से भी बदतर हो चुकी है। मच्छरों का आतंक है, बुखार-डेंगू जैसी बीमारियाँ फैल रही हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे हैं,” – एक नाराज़ ग्रामीण ने कहा।
बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप:
गंदगी और गंदे पानी की वजह से मच्छरों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि बीमारी फैलने की कगार पर है लेकिन स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह से बेखबर नजर आ रहे हैं।
“फॉर्च्यूनर” में बैठे जनप्रतिनिधियों को गांव की गली की सुध कौन बताए?
ग्रामीण तंज कसते हैं कि हमारे जनप्रतिनिधि तो लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं, उन्हें क्या पता कि गांव की गलियों में बदबू और गंदगी से लोग कैसे जी रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग:
पंचायत में नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए ,गैरहाजिर सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो ,स्वास्थ्य विभाग गांव का निरीक्षण कर दवाओं और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव करवाए अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कब तक जागते हैं या फिर ग्रामीणों की ये चीखें यूं ही हवा में गुम होती रहेंगी।






