उत्तर प्रदेशचित्रकूट

डॉ. तनुषा टी.आर. ने बताई सही पोषण की राह, बेटी ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

कुपोषण के खिलाफ जन-जागरण की मिसाल चित्रकूट में "संभव अभियान 5.0" के तहत 70 सैम बच्चों को पोषण किट वितरित

जन एक्सप्रेस चित्रकूट \(हेमनारायण द्विवेदी): रामनगर ब्लॉक परिसर में “संभव अभियान 5.0” एवं 8वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत एक विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, जननियों और गर्भवती महिलाओं को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेड क्रॉस सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. तनुषा टी.आर. उपस्थित रहीं, जिन्होंने पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।

70 सैम बच्चों को दी गई पोषण किट और दवाइयाँ

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सैम (Severely Acute Malnourished) श्रेणी में आने वाले बच्चों के परिवारों को पोषण सामग्री और उचित सलाह देना था।इस मौके पर 70 सैम बच्चों के परिवारों को कुपोषण किट वितरित की गई। साथ ही, बच्चों को कुपोषण से संबंधित आवश्यक दवाइयाँ भी दी गईं।

पोषण पर डॉक्टर तनुषा टी.आर. की सलाह

डॉ. तनुषा टी.आर. ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि: गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की पहली तिमाही में ही एएनएम या आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराना चाहिए।आयरन, कैल्शियम जैसी जरूरी दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर कोलेस्ट्रम फीडिंग (पहला दूध) अनिवार्य रूप से कराना चाहिए।6 माह तक सिर्फ माँ का दूध, उसके बाद घर का बना पोषणयुक्त भोजन देना चाहिए।भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, और सहजन (मुनगा/ड्रमस्टिक) के विभिन्न रूपों को शामिल करना लाभकारी है।उन्होंने पोषण के बारे में व्यावहारिक जानकारी देकर माताओं को सही दिशा में प्रेरित किया।

बेटी ने बढ़ाया हाथ – संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल

इस विशेष कार्यक्रम में एक खास पल तब आया, जब डॉ. तनुषा टी.आर. की बेटी ने भी स्वयं पोषण किट बांटने में मदद की।
उसकी संवेदनशीलता और सहभागिता ने कार्यक्रम में एक मानवीय और प्रेरणात्मक संदेश जोड़ा।
यह उदाहरण यह दिखाता है कि समाज सेवा की भावना बच्चों में भी कैसे पनप सकती है अगर सही मार्गदर्शन मिले।

उपहार और उत्साह: एक नई शुरुआत

कार्यक्रम के अंत में, सभी 70 सैम बच्चों को पोषण किट के साथ-साथ उपहार भी भेंट किए गए, जिससे परिवारों में उत्साह और आशा की एक नई किरण दिखाई दी। संभव अभियान 5.0″ और राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से चित्रकूट में कुपोषण के खिलाफ जो जंग छेड़ी गई है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है।
डॉ. तनुषा टी.आर. और उनकी बेटी द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।

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