मानिकपुर में लेखपाल अरबाज सिद्दीकी पर भ्रष्टाचार का विस्फोट!
योगी सरकार की छवि को कर रहा धूमिल, जमीन के नाम पर उगाही और धमकी का गंभीर आरोप

जन एक्सप्रेस \ चित्रकूट : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील में तैनात लेखपाल अरबाज सिद्दीकी एक बार फिर विवादों की आंच में झुलसते नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि लेखपाल द्वारा नापजोख में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार, और धमकी देकर लोगों को आपस में लड़ाने और पैसे वसूलने का गंदा खेल चलाया जा रहा है।
500000 की डिमांड, वरना घर कब्जा करने की धमकी!
मिथिलेश कुमार, निवासी मानिकपुर ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि लेखपाल अरबाज खान ने ₹5 लाख की रिश्वत मांगी। जब उन्होंने इंकार किया तो घर कब्जा करवाने और जमीन किसी और के नाम करने की धमकी दी गई। यह न केवल भ्रष्टाचार, बल्कि खुलेआम सरकारी आतंक का मामला बनता जा रहा है।
मानिकपुर में लेखपाल अरबाज खान पर भ्रष्टाचार का विस्फोट!
संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि लेखपाल ने उनसे भी अवैध रूप से पैसे मांगे। मना करने पर बीच में पक्की सड़क होते हुए भी जमीन को किसी और के नाम दिखाकर विवाद खड़ा कर दिया। यह नापजोख नहीं, सीधे तौर पर साजिश प्रतीत होती है।
पूर्व में मऊ से भी उठा था भ्रष्टाचार का धुआं
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मऊ जिले में तैनाती के दौरान भी अरबाज सिद्दीकी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग चुके हैं। मगर कार्रवाई की जगह तबादला कर दिया गया। क्या अब वही कहानी चित्रकूट में दोहराई जा रही है?
प्रशासन की चुप्पी, जनता का आक्रोश
प्रशासन की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। सवाल यह है कि जब योगी सरकार भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रही है, तो ऐसे भ्रष्ट कर्मियों को संरक्षण कौन दे रहा है?
संभावित अनहोनी की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
जमीन विवाद की चिंगारी किसी दिन सामाजिक हिंसा में न बदल जाए, यह अब एक वास्तविक आशंका बन चुकी है। यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो क्या प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी उसकी पूरी जिम्मेदारी लेंगे?
वही जब हमने मानिकपुर कानून को से बात किया तो उन्होंने कहा कि हमें आबादी के अंदर जमीन नापने का कोई अधिकार नहीं है अगर ऐसा कोई करता है तो यह गलत है।
सजय कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
लेखपाल अरबाज खान पर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाए
विवादित क्षेत्रों का दोबारा सर्वेक्षण हो
संलग्न अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो
जनता के बीच भरोसा बहाल करने के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
क्या योगी सरकार लेगी संज्ञान?
अब देखना ये होगा कि क्या सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार पर चल रही मुहिम में मानिकपुर का ये मामला भी शामिल होगा, या अरबाज खान सत्ताधारी तंत्र के “चहेते” बने रहेंगे?







