चित्रकूट के छोटी पाटिन में कीचड़ भरा रास्ता, बच्चे गिरते हैं रोज़ – नेता कहते हैं ‘सब बढ़िया है’!
मानिकपुर ब्लॉक के इटवाडुडैला पंचायत का माजरा ‘छोटी पाटिन’ अब भी विकास से कोसों दूर — न सड़क, न नाली, न रोशनी

चित्रकूट | जन एक्सप्रेस संवाददाता: (हेमनारायण हेमू)एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चित्रकूट जनपद के मानिकपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत इटवाडुडैला का माजरा छोटी पाटिन आज भी विकास से अछूता है। यहां न सड़क है, न नाली, न जल निकासी की कोई व्यवस्था। बारिश के मौसम में पूरा रास्ता कीचड़ का दलदल बन जाता है, और छोटे-छोटे बच्चे रोज़ फिसलकर गिरते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर कोई मेहमान गांव आ जाए, तो लोगों को खुद लज्जा महसूस होती है। गांव के लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने आंखें मूंद रखी हैं।एक ग्रामीण ने तंज कसते हुए कहा, “यह है हमारा विकास! वीडियो बनाओ, सोशल मीडिया पर डालो — यही बचा है हमारे पास।”ग्रामीणों ने कहा कि सरकार भले ही “अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने” की बात करती हो, लेकिन छोटी पाटिन में विकास पहुंचा नहीं, देसी शराब की दुकान जरूर पहुंच गई। हर गांव में शराब की दुकानें खुल रही हैं, मगर न स्कूल सुधरे, न सड़क, न स्वास्थ्य केंद्र।
बच्चों की शिक्षा पर असर, बीमार को ले जाना मुश्किल
गांव के बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल तक पहुंचने में गिरते-पड़ते जाते हैं। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता, लोग कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाने को मजबूर हैं।जहां एक ओर सरकारें टीवी और पोस्टरों में विकास के दावे करती हैं, वहीं छोटा पाटिन का कीचड़ भरा रास्ता उन दावों की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों का कहना है —“नेता वोट मांगने आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता।”ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क, नाली और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए ताकि गांव भी मुख्यधारा से जुड़ सके।
जन एक्सप्रेस का सवाल
क्या योगी सरकार का ‘अंतिम छोर तक विकास’ का वादा सिर्फ पोस्टरों और भाषणों तक ही सीमित है?
जब गांवों में सड़क नहीं, नाली नहीं, तो आखिर यह विकास जा कहां रहा है?






