मटियारा पुल पर धान व्यवसायी से लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार
139,500 रुपये, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद

जन एक्सप्रेस चित्रकूट—पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत मऊ थाना क्षेत्र में धान व्यवसायी से हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण कर लिया है। एसओजी चित्रकूट और थाना मऊ की संयुक्त टीम ने लूट में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1,39,500 रुपये, 2 मोबाइल फोन और हीरो स्प्लेंडर+ मोटरसाइकिल बरामद की है।
कब, कहां और कैसे हुई थी घटना
8 दिसंबर 2025 को पीड़ित जितेंद्र गुप्ता ने थाना मऊ में शिकायत दर्ज कराई थी कि 7 दिसंबर को धान बेचकर लौटते समय मटियारा पुलिया के पास 3–4 लोगों ने ट्रैक्टर की ट्रॉली में चढ़कर उनके साथ मारपीट की और 1,93,000 रुपये तथा दोनों व्यक्तियों के मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
इस पर थाना मऊ में मुकदमा पंजीकृत किया गया और पुलिस अधीक्षक ने तत्काल टीमों को निर्देश दिए।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी से खुला पूरा रैकेट
10 दिसंबर को संयुक्त टीम ने दो संदिग्ध—1. दादू उर्फ रवींद्र कुमार तिवारी 2. योगेश त्रिपाठी—को महिला पुल के पास से गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 78,500 रुपये तथा 4 मोबाइल फोन बरामद हुए। कॉल डिटेल की जांच में यह भी सामने आया कि ट्रैक्टर चालक विनय सिंह पटेल से दादू की घटना से पहले लगातार बातचीत हो रही थी। पूछताछ में दादू ने स्वीकार किया कि विनय ने ही लूट की सूचना और प्लान बताया था।
कबूली बयान के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार
दादू और योगेश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पांच और व्यक्तियों को खंडेहा रोड नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं—विनय सिंह पटेल, अजीत सिंह पटेल, बालकृष्ण, पुष्पेंद्र उर्फ ननकू और सूरज उर्फ रसीम।सभी के कब्जे से लूट का नकद हिस्सा बरामद किया गया, जिसमें—विनय से 10,000 रुपये ,अजीत से 30,000 रुपये और 1 मोबाइल ,बालकृष्ण से 5,000 रुपये ,पुष्पेंद्र से 10,000 रुपये ,सूरज से 7,000 रुपये बरामद हुए। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल UP96 P 6570 भी जब्त कर ली गई।
आरोपियों ने कबूला—“पैसा लूटकर आपस में बांटा”
पूछताछ में सभी आरोपियों ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से ट्रैक्टर का पीछा कर मटियारा पुल के पास वारदात को अंजाम दिया गया और बाद में लूटे गए पैसों को आपस में बांट लिया गया। विनय सिंह पटेल के कहने पर अजीत सिंह पटेल को भी 30,000 रुपये हिस्सा दिया गया था।






