ओपी राजभर ने खड़ी की अपनी ‘राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना’—वर्दी, रैंक और अनुशासन से होगी युवाओं की ट्रेनिंग
नीली वर्दी में दिखेगी नई ‘सेना’; कमांडर से इंस्पेक्टर तक रैंक, एक लाख युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का लक्ष्य

जन एक्सप्रेस लखनऊ:ओपी राजभर ने लॉन्च की ‘राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना’सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी नई संगठनात्मक इकाई ‘राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना’ की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस सेना को केवल नाम भर का संगठन नहीं बताया जा रहा, बल्कि इसे एक वर्दीधारी और अनुशासित संरचना के रूप में पेश किया गया है। नीली वर्दी, बैरेट कैप, कंधों पर रैंक के सितारे और हाथों में स्टिक—नए फॉर्मेट में सेना के सदस्य बिल्कुल पुलिस-सैन्य शैली में नज़र आ रहे हैं।
कमांडर से लेकर इंस्पेक्टर तक रैंक
सेना की संरचना को खास तौर पर युवा आकर्षण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसमें ,सेना कमांडर, सीओ, डीएसपी, एसआई, इंस्पेक्टर जैसे पदनाम शामिल हैं। रैंक के अनुसार वर्दी पर सितारों की संख्या भी तय की गई है। सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर के अनुसार, पहले भी सुहेलदेव सेना थी, लेकिन तब यह बिना वर्दी के चलती थी। इस बार सेना को पूरी तरह औपचारिक रूप में लॉन्च किया गया है और आईकार्ड भी जारी किए जा रहे हैं।
युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना प्रमुख लक्ष्य
ओपी राजभर का कहना है कि गांवों में बड़ी संख्या में 18–25 वर्ष के युवा ऐसे हैं जिन्हें अपने भविष्य की दिशा ही स्पष्ट नहीं होती। नई सेना के जरिए इन युवाओं को कौशल विकास, अनुशासन और करियर-पथ दिखाने की कोशिश की जाएगी।
इसके लिए रिटायर्ड पीसीएस, आईएएस, लेखपाल, एसआई और अन्य विशेषज्ञ युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे।
22 जिलों में शुरुआत, लक्ष्य—एक लाख सदस्य
राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना की शुरुआत फिलहाल 22 जिलों में की गई है। आने वाले महीनों में संगठन को पूरे प्रदेश में फैलाने की योजना है। सेना में एक लाख युवाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।






