क्रिकेट मैदान बना रणक्षेत्र: पुलिसकर्मियों की दबंगई, खिलाड़ी की सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल
मिनी स्टेडियम में दो घंटे तक चला बवाल, सीओ मैदान छोड़कर फरार, पुलिस टीम को मिली करारी हार

जन एक्सप्रेस /कौशाम्बी।मिनी स्टेडियम में आयोजित जय मां झारखंडी क्रिकेट टूर्नामेंट के 18वें संस्करण के दौरान रविवार को खेल भावना उस वक्त शर्मसार हो गई, जब मैच के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गेंदबाजी को लेकर हुए मामूली विवाद में पुलिसकर्मियों ने एक खिलाड़ी की सरेआम पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।रविवार को टूर्नामेंट का चौथा लीग मुकाबला पुलिस लाइन टीम और अंकुर इलेवन बरुवा के बीच खेला जा रहा था। पुलिस टीम की कमान सीओ मंझनपुर शिवांश सिंह के हाथ में थी। टॉस जीतकर पुलिस टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया।
बरुवा टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 12 ओवर में 168 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरी पुलिस टीम की ओर से सीओ मंझनपुर और दिलीप कुमार ओपनिंग करने आए। सीओ मंझनपुर 12 गेंदों में 16 रन बनाकर बोल्ड हो गए। इसके बाद बल्लेबाज उपेंद्र क्रीज पर आए। गेंदबाज सूरज मिश्र की पहली गेंद को उपेंद्र ने बीमर बताते हुए खेलने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
अंपायर अभी गेंदबाजी का जायजा ले ही रहे थे कि मामला अचानक हिंसक हो गया। मैच देख रहे थाना पश्चिम शरीरा में तैनात कास्टेबल वीरेंद्र कुमार, गोविंद शर्मा और देवरी में तैनात शिक्षक धनंजय ने मिलकर गेंदबाज सूरज मिश्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।मारपीट की खबर फैलते ही दर्शकों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग गेंदबाज के समर्थन में मैदान में उतर आए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस टीम के कप्तान सीओ मंझनपुर अपनी चारपहिया गाड़ी से मैदान छोड़कर फरार हो गए। वहीं थाना अध्यक्ष हरीश तिवारी अपने सिपाहियों के बचाव में उतरते नजर आए, जिससे भीड़ का गुस्सा और भड़क गया।करीब दो घंटे तक मिनी स्टेडियम में तनाव का माहौल बना रहा। आयोजकों और स्थानीय लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह भीड़ को शांत कराया जा सका। इसके बाद मैच दोबारा शुरू हुआ, जिसमें पुलिस टीम को 61 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद पीड़ित गेंदबाज सूरज मिश्र ने संबंधित पुलिसकर्मियों और शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि खेल मैदान में अनुशासन और कानून व्यवस्था की पोल भी खोल दी है।






