सीमा सुरक्षा के साथ समाज निर्माण में भी अग्रणी एसएसबी
नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत महिलाओं, युवाओं और किसानों को मिला प्रशिक्षण

जन एक्सप्रेस/महराजगंज: भारत नेपाल अंतराष्ट्रीय बार्डर की सुरक्षा के साथ 22वीं वाहिनी एसएसबी महराजगंज द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित कौशल विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का संयुक्त समापन समारोह ठूठीबारी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि एसएसबी कमांडेंट शक्ति सिंह ठाकुर रहे, जबकि द्वितीय कमान अधिकारी नरेश कुमार जांगिड़ के विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

22वी वाहिनी एसएसबी द्वारा संचालित नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती झूलनीपुर एवं पथलहवा के महिलाओं एवं बेटियों के लिए टेलरिंग प्रशिक्षण कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली 30 महिलाओं को प्रमाण पत्र एवं टेलरिंग किट प्रदान की गई। वहीं समवाय ठूठीबारी एवं बरगदवा के कार्यक्षेत्र में संचालित बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कोर्स में भाग लेने वाले 30 युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र एवं अध्ययन सामग्री (पुस्तकें) वितरित की गईं। उपरोक्त कार्यक्रम में स्कूली बच्चों एवं एसएसबी जवानों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। वही सामाजिक चेतना कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को स्प्रे पंप स्कूली विद्यार्थियों को खेल एवं स्वच्छता से संबंधित सामग्री जैसे वॉलीबॉल, फुटबॉल, कूड़ादान, फिनायल आदि प्रदान की गई। इसके साथ एसएसबी द्वारा मानव चिकित्सा सहायता (MCA) कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. अमित नंदन त्रिपाठी, द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा ठूठीबारी सहित आसपास के विभिन्न गांवों से पहुंचे 139 लोगों का स्वास्थ्य स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवा वितरित की गईं।
मुख्य अतिथि शक्ति सिंह ठाकुर, कमांडेंट ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। ऐसे प्रशिक्षण एवं कल्याणकारी कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। इस कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष भवन प्रसाद गुप्ता, मानव सेवा संस्थान से अंजली मिश्रा, कोतवाली के उपनिरीक्षक लालचंद वर्मा, प्रधानाचार्य अमरीश त्रिपाठी सहिया बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल रहे।






