नमामि गंगे प्रोजेक्ट में करोड़ों का भुगतान फंसा, सप्लायर को धमकाने का आरोप
जौनपुर के सद्भावना पुल निर्माण में वित्तीय अनियमितता का आरोप, ₹16.56 लाख बकाया

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत जौनपुर स्थित सद्भावना पुल के निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ई०आई०एल० पैराडाईज कम्पनी द्वारा कराए गए निर्माण कार्य में गिट्टी और बालू की आपूर्ति करने वाले सप्लायर का ₹16 लाख 56 हजार 194 रुपये का भुगतान बीते एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है।
पीड़ित सप्लायर के अनुसार, उन्होंने ई०आई०एल० पैराडाईज कम्पनी के साइड इंचार्ज समीर यादव, एमडी विनोद यादव एवं एकाउंटेंट संजय सिंह से आपसी सहमति के आधार पर नमामि गंगे परियोजना में निर्माण सामग्री की आपूर्ति की थी। इस दौरान कुल ₹1 करोड़ 16 लाख 45 हजार 279 रुपये की गिट्टी और बालू सप्लाई की गई।
बताया गया कि 28 जून 2024 को फाइनल हिसाब किया गया था, जिसमें ₹16,56,194 रुपये की बकाया धनराशि स्पष्ट रूप से सामने आई, लेकिन इसके बावजूद आज तक भुगतान नहीं किया गया।
नोटिस और शिकायतों के बाद भी नहीं मिला भुगतान
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार कम्पनी प्रबंधन को नोटिस, ई-मेल तथा आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा 13 मई 2025 को विधिक नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कम्पनी के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई।
धमकी और अभद्रता का आरोप
सप्लायर का आरोप है कि जब भी वह अपनी बकाया धनराशि की मांग करता है, तो उसे धमकाया जाता है और अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार
मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर को लिखित शिकायत देकर बकाया धनराशि ब्याज सहित दिलाए जाने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर वित्तीय विवाद में कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय दिलाता है।






