हरदोई के पर्वतारोही अभिनीत कुमार मौर्य को स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड, सीएम योगी ने बताया युवाओं के लिए प्रेरणा

जन एक्सप्रेस/हरदोई: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा की नई मिसाल बनकर सामने आए हैं हरदोई जिले के कछौना क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत कुमार मौर्य। सीमित संसाधनों, आर्थिक संघर्ष और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की है, जो केवल दृढ़ इच्छाशक्ति और अटूट साहस से ही संभव हो पाती है। उनकी इसी असाधारण उपलब्धि को सम्मान देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से नवाजा है।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर 12 जनवरी को लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिनीत कुमार मौर्य को यह सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतारोही अभिनीत की उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह साबित करती हैं कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं पातीं।
किसान परिवार से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर
हरदोई के कछौना क्षेत्र के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे अभिनीत कुमार मौर्य के लिए जीवन की राह आसान नहीं रही। सीमित आर्थिक साधन, प्रशिक्षण के अभाव और जोखिम भरे अभियानों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखना उनके लिए साहसिक निर्णय था, लेकिन उन्होंने निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के सहारे खुद को साबित किया।
अभिनीत ने अफ्रीका महाद्वीप की दूसरी सबसे ऊँची चोटी माउंट केन्या पर तिरंगा फहराकर न केवल हरदोई, बल्कि पूरे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यह उपलब्धि उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई और उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री योगी ने की सराहना
सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिनीत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे युवा प्रदेश की असली पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण जैसे कठिन खेल में सफलता प्राप्त करना केवल शारीरिक क्षमता का नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुशासन का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अभिनीत के संघर्ष और समर्पण से प्रेरणा लेने की अपील की।
प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर रचा इतिहास
इस सम्मान को और भी खास बनाता है यह तथ्य कि अभिनीत कुमार मौर्य ने स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड की चयन प्रक्रिया में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश भर से चुने गए युवाओं में शीर्ष रैंक हासिल करना उनकी नेतृत्व क्षमता, सामाजिक योगदान और असाधारण उपलब्धियों का प्रमाण है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि हरदोई जिले और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी
पर्वतारोहण के साथ-साथ अभिनीत कुमार मौर्य पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि प्रकृति का सम्मान किए बिना किसी भी शिखर पर पहुंचना अधूरा है। वे युवाओं को साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश भी देते हैं।
सीमित युवाओं को मिलता है यह सम्मान
स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ष केवल 10 विशिष्ट युवाओं को प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और सम्मानस्वरूप सड़क के नामकरण की सुविधा शामिल है। इतने सीमित चयन में प्रथम स्थान प्राप्त करना अभिनीत की उपलब्धियों को और भी विशेष बनाता है।
हरदोई में खुशी की लहर
अभिनीत को यह सम्मान मिलने के बाद हरदोई जनपद, विशेषकर कछौना क्षेत्र में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों और युवाओं ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। लोगों का कहना है कि अभिनीत ने यह साबित कर दिया है कि गांव से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है।
युवाओं के लिए संदेश
खेतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्वत शिखरों तक का सफर तय करने वाले अभिनीत कुमार मौर्य आज हजारों युवाओं के लिए उम्मीद, साहस और आत्मविश्वास की मिसाल बन चुके हैं। उनकी कहानी यही संदेश देती है कि—
“सपने वही सच होते हैं, जिनके पीछे हिम्मत और मेहनत खड़ी होती है।”









