लखनऊ में यूपी दिवस का भव्य आगाज़, अमित शाह ने किया समारोह का उद्घाटन
‘एक जनपद, एक व्यंजन’ योजना की शुरुआत, प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश दिवस का भव्य और ऐतिहासिक आगाज़ हुआ। राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय यूपी दिवस समारोह का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा, विरासत और विकास यात्रा को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
समारोह के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज नए भारत की विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश ने कानून व्यवस्था, निवेश, उद्योग, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। योजना के माध्यम से स्थानीय खानपान, छोटे उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
उद्घाटन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न जनपदों द्वारा लगाए गए व्यंजन स्टॉलों का निरीक्षण किया। आगरा का पेठा, वाराणसी की कचौड़ी-सब्जी, लखनऊ की अवधी बिरयानी, मथुरा के पेड़े, जौनपुर की इमरती और अयोध्या के पारंपरिक प्रसाद जैसे व्यंजनों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की विविधतापूर्ण खाद्य संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस भव्य अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच पर मौजूद रहे। मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रिमंडल के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रदेशभर से आए अतिथियों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि यूपी दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि प्रदेश की अस्मिता, गौरव और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज बदलते भारत का नेतृत्व कर रहा है। पहले जहां प्रदेश को अव्यवस्था और पिछड़ेपन से जोड़ा जाता था, वहीं अब वही उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार, पर्यटन और विकास का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी दिवस का उद्देश्य प्रदेश की उपलब्धियों को देश-दुनिया तक पहुंचाना है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का प्रमुख आकर्षण रहे। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रज, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
तीन दिवसीय यूपी दिवस समारोह के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। इनमें पर्यटन, निवेश, स्टार्टअप, ओडीओपी, हस्तशिल्प, कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जा रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि यूपी दिवस के मंच से प्रदेश की सकारात्मक छवि को मजबूती मिले और निवेशकों, पर्यटकों व युवाओं को उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन, छात्र, युवा और आम नागरिक शामिल हुए।
यूपी दिवस समारोह यह संदेश देता नजर आया कि उत्तर प्रदेश न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता है, बल्कि विकास की नई ऊंचाइयों की ओर भी तेजी से अग्रसर है। आने वाले दो दिनों तक लखनऊ में आयोजित यह आयोजन प्रदेश की पहचान और आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा।








