जौनपुर दौरे पर राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, माघ मेला, यूजीसी, एसआईआर और प्लेन क्रैश पर दिए अहम बयान

जन एक्सप्रेस /जौनपुर: जौनपुर जिले में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने मीडिया से बातचीत के दौरान कई समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने प्रयागराज माघ मेला, यूजीसी से जुड़ा मामला, एसआईआर प्रक्रिया, प्लेन क्रैश की घटनाओं और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी।
मीडिया द्वारा प्रयागराज के माघ मेला में हुई एक घटना और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के संगम स्नान को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि घटना के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें स्नान कराने के लिए हर संभव प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी को संगम में स्नान करना चाहिए था, लेकिन अब जब वह लौट चुके हैं तो इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले का अब पटाक्षेप हो चुका है।
यूजीसी से जुड़े विषय पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को लेकर मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि अब जब सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में संज्ञान ले लिया है, तो निर्णय भी वहीं से आएगा। ऐसे में इस विषय पर कोई भी बयान देना या टिप्पणी करना ठीक नहीं है। उन्होंने दोहराया कि समाज के विरोध के बाद कोर्ट ने संज्ञान लिया है और जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा।
मंत्री ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कोई न्यायिक संस्था नहीं है और जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब किसी को भी इस पर राजनीतिक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसे जानबूझकर राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अंतर्गत आती है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को शुद्ध करना समय की जरूरत है, क्योंकि बड़ी संख्या में मृत लोगों के नाम भी मतदाता सूची में दर्ज थे।
मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, वोटर लिस्ट की शुद्धता और समाज की भलाई के लिए यह प्रक्रिया बेहद जरूरी थी। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया मजबूत होगी।
प्लेन क्रैश की घटनाओं को लेकर कुछ नेताओं, खासकर ममता बनर्जी और अन्य द्वारा की जा रही राजनीति पर मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस देश में प्लेन क्रैश जैसी दुखद घटनाओं में कई लोगों की जान गई है, जिस पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी को संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि अजीत पवार की दुखद मृत्यु देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा है। यह पूरे देश के लिए शोक की घड़ी है, लेकिन कुछ लोग इस दुख की घड़ी में परिवार को सहारा देने के बजाय उनके घावों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं, जो निंदनीय है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के मुख्यमंत्री बदलने से जुड़े बयान पर मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि एक संत को राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने स्तर से हर संभव प्रयास किया था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी रहीं कि शंकराचार्य जी का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका।
अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।






