पीएम योजना के तहत बच्चों का शैक्षिक एक्सपोजर विजिट संपन्न, अमूल डेयरी में देखी आधुनिक तकनीक

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान, कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जनपद जौनपुर के पीएम विद्यालयों के बच्चों का शैक्षिक एक्सपोजर विजिट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक कार्य प्रणालियों से परिचित कराना था।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने दो बसों को हरी झंडी दिखाकर बच्चों को बनास डेयरी (अमूल), फूलपुर, वाराणसी के लिए रवाना किया। बच्चों में यात्रा को लेकर उत्साह और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
इस शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में स्किल डेवलपमेंट, वैज्ञानिक सोच, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, उद्यमिता की समझ तथा स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के एक्सपोजर विजिट से बच्चों को भविष्य की संभावनाओं को समझने और करियर निर्माण में सहायता मिलती है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि दुग्ध उत्पादन और डेयरी उद्योग किस प्रकार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में इसमें रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।
38 पीएम विद्यालयों के 100 छात्र हुए शामिल
इस शैक्षिक भ्रमण में जनपद जौनपुर के कुल 38 पीएम विद्यालयों से चयनित 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्रों के साथ उनके विद्यालयों के शिक्षक भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
शिक्षकों ने बताया कि ऐसे भ्रमण छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों और कार्य संस्कृति से परिचित कराते हैं।
अमूल डेयरी में देखी उत्पादन की आधुनिक प्रक्रिया
एक्सपोजर विजिट के दौरान बच्चों ने अमूल डेयरी प्लांट में दूध, दही, पनीर, मक्खन, घी, छाछ, आइसक्रीम सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। अमूल कंपनी के प्रशिक्षित गाइड ने बच्चों को डेयरी प्लांट की प्रत्येक यूनिट की कार्यप्रणाली, मशीनों के उपयोग, स्वच्छता मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बच्चों ने विशेष रूप से यह जाना कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से दूध को विभिन्न उत्पादों में कैसे बदला जाता है और उन्हें सुरक्षित रूप से बाजार तक कैसे पहुंचाया जाता है।
बच्चों में दिखा उत्साह और सीखने की ललक
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में सीखने की गहरी रुचि और उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने प्रश्न पूछकर उत्पादन प्रक्रिया, मशीनों की कार्यक्षमता और पैकेजिंग प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकांश छात्रों ने इस भ्रमण को अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
विद्यार्थियों का कहना था कि इस तरह के शैक्षिक भ्रमण उन्हें भविष्य में विज्ञान, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
अधिकारियों और शिक्षकों की रही सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर जिला समन्वयक प्रशिक्षण विशाल कुमार, डीसी एमडीएम अरुण कुमार मौर्य, एसआरजी टीम सदस्य अजय कुमार मौर्य सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
अधिकारियों ने कहा कि आगे भी इस तरह के शैक्षिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे ताकि बच्चों को वास्तविक दुनिया से जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।






