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नशे के काले कारोबार पर कड़ा प्रहार 12 साल बाद आया फैसला, तस्कर को 12 साल की सख्त सजा व एक लाख का जुर्माना

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर: नशे के काले कारोबार में लिप्त तस्करों के खिलाफ न्यायपालिका ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। हमीरपुर जनपद की राठ तहसील अंतर्गत कुर्रा आपरेशन कन्विक्शन के तहत दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2014 में अवैध नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त को दोषी करार देते हुए गैंगस्टर कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश ने 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

 क्या है पूरा मामला

मामला 21 जुलाई 2014 का है। राठ कोतवाली पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान कुर्रा क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को संदेह के आधार पर रोका। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 170 ग्राम ऑरेन्ज रंग का नशीला पाउडर बरामद किया गया। पूछताछ में उसकी पहचान अनिल राजपूत पुत्र मइयादीन के रूप में हुई।

बरामद नशीला पदार्थ एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित पाया गया। इसके बाद राठ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0-825/14, धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया गया।

 जांच और चार्जशीट

मामले की विवेचना तत्कालीन उप निरीक्षक मेवालाल मौर्य द्वारा की गई। विवेचक ने सभी साक्ष्यों को एकत्र करते हुए वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। जांच पूरी होने के बाद अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।

अदालत में दमदार पैरवी

लंबी सुनवाई के बाद मामला गैंगस्टर अदालत में विचाराधीन रहा। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रवीण कुमार भदौरिया ने मामले में सशक्त और प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष बरामदगी, गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया और अभियुक्त को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।

 अदालत का फैसला

सभी पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद गैंगस्टर कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने अभियुक्त अनिल राजपूत को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 12 वर्ष का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया।

 समाज के लिए सख्त संदेश

यह फैसला नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासन और न्यायपालिका दोनों ही नशीले पदार्थों की तस्करी को समाज के लिए घातक मानते हुए सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि कानून के शिकंजे से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता, चाहे फैसला आने में समय क्यों न लगे।

 पुलिस व प्रशासन की सराहना

स्थानीय स्तर पर पुलिस और अभियोजन टीम की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुराने मामलों में भी सजा सुनिश्चित कराना कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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