जौनपुर: व्यापार मंडल ने ऑनलाइन व्यापार की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन के नेतृत्व में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता एवं राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री/प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद स्वरूप मिश्रा के आह्वान पर प्रधानमंत्री Narendra Modi को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
जौनपुर सांसद Babu Singh Kushwaha की अनुपस्थिति में सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार मौर्य को ज्ञापन देते हुए इसे तत्काल प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधि ने ज्ञापन को उसी दिन प्रेषित करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु
व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि अनियंत्रित ऑनलाइन व्यापार एवं ई-कॉमर्स के असंतुलित विस्तार से छोटे और मध्यम व्यापारियों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय दुकानदार, जो वर्षों से सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, आज अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं।
प्रतिस्पर्धा कानून पर सख्ती की मांग
कंपटीशन एक्ट 2002 की धारा 3 और 4 के तहत प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों और प्रभुत्व के दुरुपयोग पर रोक है। इसके बावजूद प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा भारी छूट, चयनात्मक विक्रेताओं को प्राथमिकता तथा एल्गोरिदम आधारित मूल्य निर्धारण से असमान प्रतिस्पर्धा उत्पन्न होने की शिकायत की गई। व्यापार मंडल ने कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया को सशक्त निर्देश देने की मांग की।
एफडीआई नियमों के पालन की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि ई-कॉमर्स में 100% एफडीआई केवल मार्केटप्लेस मॉडल में अनुमन्य है, जबकि इन्वेंट्री आधारित मॉडल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ प्लेटफॉर्म कथित रूप से नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नियमों की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और नियमित ऑडिट की मांग की गई।
उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 का हवाला
कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) रूल 2020 के तहत प्लेटफॉर्म को केवल मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए। व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि निजी लेबल और पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ देकर मार्केटप्लेस और इन्वेंट्री मॉडल के बीच का अंतर समाप्त किया जा रहा है। स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की गई।






