संत निरंकारी मिशन के सेवादारों ने चलाया राम भरोसा तालाब में सफाई अभियान, ‘स्वच्छ जल-स्वच्छ मन’ का दिया संदेश

जन एक्सप्रेस/मानिकपुर।संत निरंकारी मिशन के सेवादारों द्वारा रविवार 22 फरवरी को मानिकपुर स्थित राम भरोसा तालाब में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ की भावना को साकार करते हुए जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक चले इस अभियान में मिशन के सैकड़ों सेवादारों ने मुखी आनंद राज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में तालाब की व्यापक सफाई की। सफाई अभियान स्थल पर ही संत इंद्रपाल की अध्यक्षता में एक विशाल सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सत्संग के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार और मानव जीवन की आधारशिला है। जल स्रोतों की स्वच्छता केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन से भी जुड़ी है। इसी सोच के साथ प्राकृतिक जल स्रोतों—नदियों, तालाबों और झीलों—की स्वच्छता एवं संरक्षण का अभियान समाज में जिम्मेदारी और सहभागिता का प्रेरक संदेश दे रहा है।
बताया गया कि ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का चौथा चरण सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में देश के 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक शामिल हुए। यह अभियान अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा समन्वय प्रस्तुत करता है। मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘प्रोजेक्ट अमृत’ बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित है, जो सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का आधार बताते हैं। वक्ताओं ने कहा कि भक्ति केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों में प्रकट होनी चाहिए।इस अवसर पर मिशन की मानवीय सेवा परियोजनाओं, विशेषकर “संत निरंकारी हेल्थ सिटी” के निर्माण प्रयासों का भी उल्लेख किया गया, जिसे समाज सेवा और करुणा का सशक्त उदाहरण बताया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ और पूरे आयोजन में सुरक्षा, अनुशासन तथा स्वच्छता के दिशा-निर्देशों का विशेष ध्यान रखा गया। अंत में श्रद्धालुओं से आह्वान किया गया कि वे प्रकृति संरक्षण और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित भविष्य सुनिश्चित हो सके।आयोजकों ने कहा कि ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ मानवीय चेतना को भी जागृत करता है।






