केराकत में विकलांग युवक से मारपीट का आरोप, प्रधान पर गंभीर सवाल

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक विकलांग युवक के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला मुर्की ग्राम स्थित एक विद्यालय परिसर का बताया जा रहा है, जहां पीड़ित युवक मौजूद था। युवक का आरोप है कि उसी दौरान वर्तमान ग्राम प्रधान वहां पहुंचे और बिना किसी ठोस कारण के उसे थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ लगते ही युवक जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद आरोप है कि उसे लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा गया।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह युवक को बचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट काफी देर तक चली, जिससे युवक को गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद पीड़ित युवक केराकत पुलिस चौकी पहुंचा और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन युवक का आरोप है कि सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान भी पुलिस चौकी पहुंच गए और उल्टा उसी को बैठा लिया गया। पीड़ित का कहना है कि उसकी तहरीर पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उसे न्याय मिलने में देरी हुई।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब यह प्रकरण क्षेत्र के एक पूर्व विधायक के संज्ञान में आया। इसके बाद पुलिस ने करीब पांच दिन की देरी के बाद मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, पीड़ित युवक का आरोप है कि मेडिकल जांच भी सही तरीके से नहीं कराई गई और केवल पैर का एक्स-रे कर औपचारिकता पूरी कर दी गई।
युवक ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय जौनपुर में दो बार प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और दोबारा मेडिकल परीक्षण की मांग की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पुनः मेडिकल कराने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन युवक का कहना है कि अब पहले जैसे चोट के निशान नहीं बचे हैं, जिससे उसे न्याय मिलने में कठिनाई हो सकती है।
इस मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। पीड़ित का दावा है कि विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड है। युवक के अनुसार, फुटेज में साफ तौर पर मारपीट देखी जा सकती है। हालांकि, उसने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान के दबाव में विद्यालय की प्रिंसिपल ने सीसीटीवी फुटेज देने से इनकार कर दिया है।
यह पूरा मामला अब जौनपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पाएगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा, या फिर यह मामला भी दबाव और प्रभाव के चलते ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।






