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हमीरपुर: राष्ट्रीय लोक अदालत में 15,791 मामलों का निपटारा, जिला जज बोले— “इंसाफ दिलाना ही मुख्य लक्ष्य”

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर : न्याय प्रणाली को सरल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से जनपद हमीरपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जिला जजी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने किया। इस दौरान कुल 15,791 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर करोड़ों रुपये की समझौता राशि वसूली गई।

 लोक अदालत का मूल मंत्र: त्वरित और सुलभ न्याय

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सभा को संबोधित करते हुए जिला जज मनोज कुमार राय ने कहा:

“लोक अदालत का असल मकसद हर इंसान को बिना देर किए और आसान तरीके से इंसाफ दिलाना है। समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ और सुगमतापूर्वक न्याय सुनिश्चित करने के लिए हम इस तरह के आयोजन भविष्य में भी निरंतर करते रहेंगे।”

आंकड़ों में सफलता: मुकदमों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों और विभागों के सहयोग से भारी संख्या में लंबित मामलों को खत्म किया गया। निस्तारण का मुख्य विवरण निम्नलिखित है:

विभाग/न्यायालय निस्तारित मामलों की संख्या
राजस्व विभाग 12,039
विभिन्न अदालतें (Criminal/Civil) 3,752
बैंक प्रीलिटिगेशन मामले 265
कुल निस्तारण 15,791

अदालती आंकड़ों पर गौर करें तो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 902, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम ने 560, और सिविल जज (जू०डि०) ने 610 मामलों का निपटारा किया। इसके अलावा राठ, मौदहा और सरीला की अदालतों ने भी सराहनीय योगदान दिया।

करोड़ों रुपये की समझौता राशि

लोक अदालत केवल विवाद सुलझाने का मंच नहीं, बल्कि आर्थिक विवादों को खत्म करने का माध्यम भी बनी।

  • बैंकों और राजस्व की ओर से सुलह के आधार पर 4.22 करोड़ रुपये की धनराशि हासिल हुई।

  • अदालती मामलों में करीब 5.58 करोड़ रुपये के समझौते हुए।

  • कुल मिलाकर राजस्व, बैंक और अदालतों ने 9.80 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि समझौतों के माध्यम से प्राप्त की।

 मानवीय पहलू: 13 साल पुराना विवाद खत्म और उजड़े घर बसे

इस लोक अदालत में कुछ भावुक क्षण भी देखने को मिले। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अभिषेक त्रिपाठी ने 13 वर्षों से लंबित एक पुराने आपराधिक मामले (सरकार बनाम भूरेलाल) में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर उसे समाप्त किया।

सबसे सुखद अनुभव परिवार न्यायालय में रहा, जहाँ 3 पति-पत्नी के जोड़ों के बीच सुलह कराई गई। जो जोड़े वर्षों से अलग रह रहे थे, वे अदालत परिसर से ही साथ विदा हुए, जिससे लोक अदालत के सामाजिक महत्व को नई पहचान मिली।

 मौजूद गणमान्य अधिकारी

कार्यक्रम में प्रधान जज परिवार अदालत ज्ञान प्रकाश सिंह, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के अरुण कुमार मल्ल, नोडल अधिकारी अनिल कुमार खरवार, सचिव अभिषेक त्रिपाठी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता व वादकारी मौजूद रहे।

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