
जन एक्सप्रेस/पुरोला : ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय दोगुनी करने और पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अनमोल ग्राम स्वराज संस्थान के तत्वावधान में पुरोला ब्लॉक के गुंदियाटगांव स्थित ‘वंदे मातरम एजुकेशन संस्थान’ के प्रांगण में ‘आजीविका संवर्धन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
वरिष्ठ कृषकों और विशेषज्ञों का हुआ सम्मान
कार्यशाला की अध्यक्षता वरिष्ठ कृषक युद्धवीर सिंह रावत ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष राजेन्द्र सेमवाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्थानीय नायकों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया:
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कृषि क्षेत्र: युद्धवीर सिंह रावत (खलाड़ी)
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नगदी फसल उत्पादन: स्थालिक राम (अध्यक्ष, कमल सिराईं किसान संगठन)
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बागवानी: श्यामलाल परियाल
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पारंपरिक रवाई भोज एवं खाद्य संरक्षण: जमुना देवी
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सामाजिक कार्य: सोबत सिंह रावत
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शिक्षा: राजेश सेमवाल (संस्थापक, वंदे मातरम् फाउंडेशन)
जैविक खेती: रसायनों से मुक्ति की अपील
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता प्रेम कुमार गरवाण ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है, बल्कि रसायनयुक्त भोजन गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। उन्होंने किसानों से पूर्णतः जैविक खेती (Organic Farming) अपनाने का आह्वान किया।
बाजार रणनीति और पारंपरिक खान-पान पर चर्चा
संस्थान के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सेमवाल ने किसानों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और बाजार रणनीति के गुर सिखाए। वहीं, जमुना देवी ने रवाई क्षेत्र के पारंपरिक औषधीय खान-पान और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। बागवानी विशेषज्ञ श्यामलाल परियाल ने पशुपालन और उन्नत बागवानी के जरिए आय बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके साझा किए।
कार्यशाला में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया और आधुनिक खेती के साथ-साथ अपनी जड़ों (पारंपरिक बीज और खाद) से जुड़े रहने का संकल्प लिया।






