
जन एक्सप्रेस/टिहरी : टिहरी जिले में पंचायतों के सशक्तिकरण और पहाड़ के अस्तित्व को बचाने के लिए सोमवार को एक विशाल जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। विकास भवन में आयोजित इस सम्मेलन में जिले के वर्तमान एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधान संगठन ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र ‘अपनी जनगणना, अपने गांव’ अभियान रहा, जिसका उद्देश्य आगामी परिसीमन में पहाड़ की राजनीतिक और सामाजिक शक्ति को बनाए रखना है।
2027 की जनगणना और पहाड़ का अस्तित्व
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे जौनपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोमवारी लाल उनियाल और संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि रोजगार की तलाश में पहाड़ के लोग मैदानी इलाकों और विदेशों का रुख कर रहे हैं, जिससे गांवों की आबादी घट रही है।
सम्मेलन में मुख्य सुझाव दिए गए:
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2027 की जनगणना: सभी प्रवासी पहाड़ी नागरिक अपनी गणना अपने पैतृक गांव में ही कराएं।
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परिसीमन का खतरा: यदि गांवों की आबादी कम रही, तो आने वाले परिसीमन में पहाड़ की विधानसभा और अन्य सीटों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
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जनसंवाद: ‘मेरी गणना, मेरे गांव’ अभियान को ब्लॉक और ग्राम स्तर पर गोष्ठियों के माध्यम से व्यापक बनाया जाएगा।
पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने की मांग
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण और उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला ने पंचायतों को और अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि जब तक पंचायतें सशक्त नहीं होंगी, तब तक गांवों से पलायन रोकना असंभव है। राज्यमंत्री व पूर्व प्रमुख गीता रावत सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधियों ने भी खाली होते गांवों को भरने के लिए जनगणना को एक बड़े हथियार के रूप में उपयोग करने पर बल दिया।
ब्लॉक स्तर पर चलेगा अभियान
सम्मेलन में तय किया गया कि प्रवासियों को अपने गांव से जोड़ने के लिए ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविंद बिष्ट ने ब्लॉकों के पुनर्गठन की मांग उठाई, जबकि प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र रावत ने इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
इन जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रमुख राजीव कंडारी, सुरेंद्र भंडारी, राजेश नौटियाल, विनोद बिष्ट, मनीषा पंवार, सुमन सजवाण, प्रदीप रमोला, वीरेंद्र कंडारी, सोबन सिंह नेगी, रोशन लाल सेमवाल, विजय गुनसोला और जगदंबा रतूड़ी सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया।






