
जन एक्सप्रेस/पुरोला: मोरी विकासखण्ड के सुदूरवर्ती ग्राम फिताडी में सोमवार रात लगभग 10:50 बजे भयंकर आग लग गई। इस भिषण अग्निकांड में 8 आवासीय भवन, 6 अन्न भंडार और 3 गाय जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने से लगभग 12 परिवार प्रभावित हुए और पूरे गांव में मातम छा गया।
अग्निकांड की स्थिति:
जैसे ही आग भड़क उठी, गांववासियों ने तुरंत प्रयास किया। बड़े मुश्किल से आग पर काबू पाया गया, जिससे व्यापक जनहानि और पूरे गांव को बचाया जा सका। आग की वजह से सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि घरों में रखा खान-पान का सामान और अन्न भंडार भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
प्रशासन और विधायक की प्रतिक्रिया:
आग लगने के तुरंत बाद प्रशासन ने रात्रि में राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा। साथ ही, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य पूरी टीम के साथ फिताडी गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों का हाल जाना।
क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश लाल भी रात्रि को फिताडी पहुंचे और आग पीड़ितों को डांडस बांधकर राहत पहुंचाई। उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात कर सरकार से उचित मुआवजा और हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है और राहत कार्य जारी है।
प्रभावित परिवारों की सूची:
- प्रेमसिंह पुत्र मोरसिंह
- कुंदन सिंह पुत्र खेम सिंह (1 गाय जलकर मृत)
- रवीन्द्रसिंह पुत्र मोरसिंह
- उमराल सिंह पुत्र मोरसिंह
- तिलक सिंह पुत्र मोरसिंह
- नैनियाल सिंह पुत्र गंगा सिंह
- ताजमदेई पत्नी नैनियाल सिंह
- दुधकली देवी पत्नी नैनियाल सिंह
- वीरेन्द्र सिंह पुत्र हाकम सिंह
- सुविन्दा पत्नी सुरेन्द्र सिंह
- मोहन सिंह पुत्र घूंघर सिंह
- जनक सिंह पुत्र तोताराम
अन्न भंडार (कुठार) क्षतिग्रस्त सूची:
- जनक सिंह पुत्र तोताराम
- वीरेन्द्र सिंह पुत्र हाकम सिंह
- प्रेमसिंह पुत्र मोरसिंह (1 गाय जलकर मृत)
- नौनीहाल सिंह पुत्र गंगा सिंह
- उमराल सिंह पुत्र मोरसिंह (1 गाय जलकर मृत)
- सिलदार सिंह पुत्र पल्लू राम
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सरकार से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भिषण अग्निकांड में सिर्फ संपत्ति ही नहीं, बल्कि घर और अन्न भंडार की क्षति से परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर हर संभव मदद प्रदान की जा रही है। जिलाधिकारी और स्थानीय अधिकारियों की टीम प्रभावित गांववासियों के साथ लगातार संपर्क में है और राहत वितरण में जुटी हुई है।






