अक्षय तृतीया पर खुलेंगे शिरगुल महाराज मंदिर के कपाट, लगेगा मेला
जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड: विकासखण्ड पुरोला के सरुका नामे स्थान पर शिरगुल महाराज का प्राचीन मंदिर स्थित है जहां पर लोग हजारों की संख्या में पुत्र प्राप्ति व खुशहाली के लिए पहुंचते हैं जिनके कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सरुका स्थित प्रसिद्ध शिरगुल महाराज मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के दूसरे दिन यहां पारंपरिक रूप से भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
यह प्राचीन मंदिर पुरोला क्षेत्र के कुफ़ारा गांव से लगभग 10 किलोमीटर पैदल दूरी पर स्थित है। श्रद्धालुओं को देवदार, बाँज, बुरांश और मोरू के घने जंगलों के बीच से होकर कठिन यात्रा तय कर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है, जो इस धार्मिक यात्रा को और भी विशेष बनाता है।
मेले के अवसर पर जौनसार, बावर और रवांई क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में पेयजल की भारी किल्लत एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
मंदिर समिति से जुड़े भगवान शर्मा,उपेंद्र शर्मा, राजेंद्र शर्मा, सोबन शर्मा, मनमोहन शर्मा, कमला राम शर्मा, अनिल शर्मा, संजय शर्मा और वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि मेले के दिन अत्यधिक भीड़ के कारण पानी की व्यवस्था अपर्याप्त पड़ जाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर तक पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, चूंकि श्रद्धालु पूरी रातभर जागरण करते हैं, इसलिए प्रकाश व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए और मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग की मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो व मेले में भारी भीड को देखते हुए पुलिस प्रशासन की भी व्यवस्था होनी आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस स्थल पर हर वर्ष लगने वाला यह मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से अपील की है कि इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।






