
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी : देवभूमि उत्तराखंड के विकासखंड चंबा के अंतर्गत ग्राम पंचायत खुरेत ने नशामुक्त और संस्कारित समाज के निर्माण की दिशा में एक साहसिक कदम उठाया है। ग्राम प्रधान अदिति भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गांव के किसी भी सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक आयोजन में शराब का सेवन या वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
कड़े दंड का प्रावधान: ₹21,000 जुर्माना और बहिष्कार
गांव की मर्यादा और अनुशासन को बनाए रखने के लिए पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जो भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर 21,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
‘ग्राम समाज सुधार समिति’ का गठन
सामाजिक कुरीतियों को जड़ से खत्म करने और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
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अध्यक्ष: प्रमोद भट्ट
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उपाध्यक्ष: शीला देवी
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सचिव: अमर देव
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सहसचिव: शैला देवी
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कोषाध्यक्ष: अदिति भट्ट
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सदस्य: राजेश्वरी, अनीता देवी, भारती सकलानी, विनोद डबराल, मदनलाल डबराल और राकेश सकलानी।
‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम को मिला समर्थन
इस मुहिम से जुड़े सुशील बहुगुणा ने पंचायत के इस कदम की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने और परिवारों को टूटने से बचाने के लिए ऐसे कड़े फैसलों की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ
बैठक के दौरान रोहित सकलानी, चेतन प्रसाद, राजीव डबराल और लीला देवी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने अपने परिवार और समाज के किसी भी शुभ कार्य में नशा न करने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर ‘शराब नहीं संस्कार’ मुहिम की कुंभीभाला भट्ट और लक्ष्मी भी उपस्थित रहीं।






