
जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड
त्यूनी (देहरादून)। जौनसार-बावर क्षेत्र के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ महासू देवता मंदिर हनोल में शनिवार को एक विशेष आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जब उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष नैथानी अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति नैथानी ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ महासू देवता की पूजा-अर्चना की और मंदिर में दर्शन कर देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उनके आगमन से मंदिर परिसर में विशेष उत्साह का माहौल रहा।
मंदिर पहुंचने पर महासू देवता मंदिर समिति हनोल की ओर से न्यायमूर्ति नैथानी एवं उनके परिवार का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें महासू देवता का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।
महासू देवता मंदिर हनोल, जौनसार-बावर, बंगाण, रवांई क्षेत्र के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के शिमला और सिरमौर क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह प्राचीन मंदिर अपनी अनूठी हूण स्थापत्य शैली के लिए भी प्रसिद्ध है, जो इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। हर वर्ष यहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार महासू देवता को क्षेत्र का रक्षक और न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। यही कारण है कि लोग अपनी समस्याओं और न्याय की उम्मीद लेकर यहां आते हैं।
इस दौरान न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने कहा कि महासू देवता के दरबार में आना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा। उन्होंने मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल समाज में सकारात्मकता, आध्यात्मिक ऊर्जा और एकता का संदेश देते हैं। इन स्थलों का संरक्षण और विकास हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें।
इस मौके पर मंदिर समिति के सचिव मोहनलाल सेमवाल, प्रबंधक नरेंद्र नौटियाल, नायब तहसीलदार त्यूनी सरदार सिंह राणा, थाना प्रभारी अश्वनी बलूनी सहित तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।






