
जन एक्सप्रेस/ पौड़ी गढ़वाल: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए पौड़ी प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने एनआईसी (NIC) कक्ष में संबंधित विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना और शून्य-असुविधा सुनिश्चित करना था।
1. हाई-टेक कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सेवा
जिलाधिकारी ने यात्रा के सफल संचालन के लिए 24×7 कंट्रोल रूम की स्थापना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और ड्यूटी रोस्टर तत्काल जारी किया जाए।
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यात्रियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
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तीनों मुख्य कंट्रोल रूम में तकनीकी और मैनपावर की व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे।
2. परिवहन और ट्रैफिक प्लान: 5000 से अधिक वाहनों की तैनाती
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक तैयारी की है:
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ग्रीन कार्ड प्रक्रिया: चारधाम यात्रा के लिए वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाने का काम शुरू हो चुका है।
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वाहन क्षमता: इस वर्ष लगभग 500 बसें और 5000 टैक्सी/मैक्सी वाहनों का बेड़ा तैनात रहेगा।
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ट्रैफिक मैनेजमेंट: डीएम ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि ट्रैफिक प्लान को पहले ही सार्वजनिक किया जाए ताकि होटल व्यवसायियों और स्थानीय लोगों को जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े।
3. स्वास्थ्य सेवाएं: संवेदनशील क्षेत्रों में मेडिकल रिलीफ यूनिट
यात्रियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए:
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लक्ष्मणझूला, कलियासौड़, भट्टीसेरा और नीलकंठ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चिकित्सा राहत इकाइयां (Medical Relief Units) स्थापित की जाएंगी।
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पर्याप्त एंबुलेंस और शिफ्टवार चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
4. बुनियादी ढांचा और स्वच्छता अभियान
यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है:
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मोबाइल शौचालय: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त मोबाइल शौचालय लगाए जाएंगे।
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पेयजल और प्रकाश: सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए जल संस्थान और उरेडा को निर्देशित किया गया है।
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अतिक्रमण हटाना: उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय व्यापार सभाओं के साथ समन्वय कर अतिक्रमण हटाएं और नियमित सफाई अभियान चलाएं।
5. मानसून की तैयारी और सड़क सुधारीकरण
आगामी वर्षाकाल और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए 15 अप्रैल तक सभी संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी (JCB) मशीनों की अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यमकेश्वर मार्ग सहित सभी वैकल्पिक मार्गों के सुधारीकरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी: इस समीक्षा बैठक में सीओ तुषार बोरा, एआरटीओ द्वारिका प्रसाद, अधीक्षण अभियंता प्रवीण सैनी, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






