आजमगढ़: ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य आगाज, CDO परीक्षित खटाना ने जन-जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी

जन एक्सप्रेस/ आजमगढ़: उत्तर प्रदेश सरकार के प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाने के विजन के तहत, जनपद आजमगढ़ में शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम दिवस पर “स्कूल चलो अभियान” का जोरदार शुभारंभ हुआ। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।
जन-जागरूकता रैली और उत्साह का माहौल
पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, मुहम्मदल्ला (रानी की सराय) से जिला स्तरीय विशाल जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
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नेतृत्व: मुख्य विकास अधिकारी (CDO) परीक्षित खटाना ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया और स्वयं इसका नेतृत्व भी किया।
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नारे: रैली के दौरान छात्रों ने “स्कूल चलो, स्कूल चलो” और “बेटा-बेटी एक समान, सबको शिक्षा सबको ज्ञान” जैसे प्रेरणादायक नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
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विशेष: इस दौरान एलईडी वैन (LED Van) को भी रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर शिक्षा के महत्व का प्रचार करेगी।
प्रवेश उत्सव और मेधावियों का सम्मान
रैली के पश्चात विद्यालय परिसर में आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी और प्रवेश उत्सव में सीडीओ ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
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कोई बच्चा न छूटे: उन्होंने जोर दिया कि चाहे प्रवासी परिवार हो या कमजोर वर्ग, 6-14 वर्ष का कोई भी बच्चा नामांकन से वंचित न रहे।
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डिजिटल दूरी: सीडीओ ने बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूरी बनाकर समाचार पत्र और पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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पुरस्कार: प्रदेश स्तर पर टॉप-10 कॉमिक बुक विकसित करने वाली छात्रा अमृता और महक को सम्मानित किया गया। साथ ही, जनपद में सर्वाधिक नामांकन करने वाले 5 विद्यालयों के शिक्षकों को भी ट्रॉफी देकर नवाजा गया।
सरकारी योजनाओं का लाभ: BSA राजीव पाठक
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राजीव पाठक ने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी:
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DBT सहायता: प्रत्येक बच्चे के अभिभावक के खाते में यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए ₹1200 की धनराशि।
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निःशुल्क सुविधाएं: पाठ्यपुस्तकें, मध्यान्ह भोजन (Mid-day Meal), फल और दूध का नियमित वितरण।
शिक्षण गुणवत्ता और नई शिक्षा नीति (NEP)
कार्यक्रम के दौरान नई शिक्षा नीति (NEP) और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में आए क्रांतिकारी बदलावों पर चर्चा की गई। सीडीओ ने परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की उच्च गुणवत्ता और उनके समर्पण की प्रशंसा करते हुए अभिभावकों को अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में नामांकन कराने के लिए प्रोत्साहित किया।






