
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी: थौलधार विकासखंड के सुल्याधार क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक खूंखार भालू ने वन विभाग की टीम और ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में ग्राम प्रधान, एक फारेस्टर और एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद वन विभाग के कथित संवेदनहीन रवैये से गुस्साए ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँचा दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
घात लगाकर बैठे भालू ने किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, सुल्याधार के ठीक नीचे थापली तोक में भालू की मौजूदगी की सूचना पर ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर सिंह रावत, ग्रामीण विनोद रावत और फारेस्टर अजयपाल पंवार मौके पर गश्त करने पहुंचे थे। तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे भालू ने उन पर हमला बोल दिया। तीनों ने साहस दिखाते हुए भालू का मुकाबला किया और उसे भगाया, लेकिन इस संघर्ष में वे लहूलुहान हो गए। ग्रामीण विनोद रावत के चेहरे पर भालू के नाखूनों के गहरे घाव हैं।
“भालू के हमले का सबूत लाओ”: डीएफओ के बयान पर बवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने घटना की सूचना डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर को दी, तो उन्होंने कथित तौर पर भालू के हमले के ‘सबूत’ मांगे। अधिकारी के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने घायलों को कंडी और डंडी के सहारे सड़क तक पहुँचाया और 108 एंबुलेंस से सीधे कलेक्ट्रेट परिसर पहुँच गए।
कलेक्ट्रेट परिसर में ही हुआ प्राथमिक उपचार
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीएफओ को पद से हटाने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बीच ही घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी शिफ्ट किया गया।
प्रशासन ने कराया शांत, दिग्गज नेता भी पहुंचे
हंगामे की सूचना पर सीडीओ वरूणा अग्रवाल, एडीएम एके सिंह और एसडीएम कमलेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई, पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर और जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।






