बराहमाफी में श्रीमद्भागवत कथा, चतुर्थ दिवस भगवान जन्म लीला का हुआ वर्णन

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट: बराहमाफी में 01 अप्रैल से श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार चतुर्थ दिवस भगवान के जन्म लीला का वर्णन व्यास जी महराज के श्रीमुख से स्थानीय लोग यहाँ भगवान की दिव्य कथा का रसास्वादन किया जा रहा है स्थानीय व क्षेत्रीय लोग इस दिव्य कथा में पधार कर कथा को पावन कर रहे है।
कथा व्यास आचार्य श्री रवि जी के मुखारविंद से
बराहमाफी की दिव्य भूमि में श्री मदभागवत् महापुराण की कथा का रसास्वादन कराने के लिए पधारे है जिस कथा का सुंदर संकल्प पाण्डेय परिवार ने लिया शनिवार को चतुर्थ दिवस की कथा में पूज्य गुरदेव भगवान ने गजेंद्र मोक्छ की कथा जिसका सार है कि संसार में हमको कैसे रहना है काल से कैसे बचना है संसार के लोगो से घर से परिवार से कैसे प्रेम करना है आसक्त नहीं होना मोह नहीं करना भगवान की शरणागति में ही जीव का कल्याण है । समुद्र मंथन की कथा सुनाई जिसका सार है कि मन का मंथन कर के हलाहल विष को बाहर करना अपने अंदर विशुद्ध भाव के साथ भगवान को प्रगट करना अमृत को प्राप्त करना है। भगवान वामन का अधभुत चरित्र वर्णन किया अर्थात् अभिमान् नहीं करना । और भगवान राम जी के सहित उनके भइयो का सुंदर प्राकट्य उत्सव मनाया गया । श्री कृष्ण जी का प्राकट्य उत्सव बहुत ही अद्भुत सुंदर मनाया गया जो की भगवान इस धरा में आनंद के रूप में आए तो अपने अंदर भगवान को रोज़ प्रगट करे आनंद के रूप में और रोज़ उत्सव मनाये। इस दौरान श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण की।







