उत्तराखंडपुरोला

पुरोला में कुदरत का कहर: ओलावृष्टि से सेब बागवानों की फसल तबाह, किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट

जन एक्सप्रेस/ पुरोला : उत्तराखंड के पुरोला क्षेत्र के सेब बागवानों पर शनिवार को कुदरत का कहर टूट पड़ा। क्षेत्र के करड़ा, सल्ला और धड़ौली गांव में शनिवार दोपहर के बाद हुई भीषण ओलावृष्टि (Hailstorm) ने बागवानों की साल भर की खून-पसीने की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ओलों की इस मार से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं।


 फ्लोरिंग के समय ओलों की मार, उत्पादन पर पड़ेगा भारी असर

ग्रामीणों और बागवानों के अनुसार, यह समय सेब के बागानों में फ्लोरिंग (फूल आने की प्रक्रिया) का होता है। पेड़ों पर आए नाजुक फूलों से ही आगे चलकर फल बनते हैं। लेकिन अचानक हुई तेज ओलावृष्टि के कारण ये फूल असमय ही टूटकर झड़ गए।

स्थानीय बागवानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि फूलों के नष्ट हो जाने से इस सीजन में सेब की पैदावार भारी मात्रा में घटने वाली है।

परेशान बागवानों की आवाज: कपिल रतूड़ी, रामप्रसाद, विनोद रतूड़ी, जशवीर, श्याम लाल, जगदीश रतूड़ी, विजेंद्र रावत, अमीन सिंह और गोपाल भंडारी जैसे कई बागवानों ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा, तो बागवानों की कमर पूरी तरह टूट जाएगी।


 शासन-प्रशासन से मुआवजे की गुहार

सेब की आर्थिकी ही पुरोला के इन सुदूर गांवों के ग्रामीणों की आजीविका (Livelihood) का मुख्य जरिया है। फसल बर्बाद होने से अब इन परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संकट की इस घड़ी में क्षेत्र के किसानों ने सरकार से मदद की अपील की है:

  • मुआवजे की मांग: बागवानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द एक टीम भेजकर नुकसान का सर्वे (Assessment) कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

  • उद्यान विभाग से अपील: ग्रामीणों ने प्रदेश के कृषि एवं उद्यान विभाग से भी अपील की है कि वे मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और बागवानों को इस नुकसान से उबरने के लिए जरूरी तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान करें।

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