
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी : उत्तराखंड के विकासखंड चंबा की ग्राम पंचायत जड़धार में ग्रामीणों ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गांव में होने वाले सभी सार्वजनिक समारोहों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से फैसला किया गया है। नियम की अनदेखी करने वालों पर भारी-भरकम ₹51,000 का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जाएगा।
महिलाओं की पहल पर बुलाई गई थी विशेष बैठक
रविवार को ग्राम प्रधान धनवीर सिंह जड़धारी की अध्यक्षता में गांव की एक आम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेष रूप से मातृशक्ति (महिलाएं) उपस्थित रहीं।
बैठक में महिलाओं ने गांव में बढ़ते शराब के प्रचलन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि:
“शराब के कारण गांव का शांत सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और हमारी युवा पीढ़ी सबसे अधिक इसके भटकाव की चपेट में आ रही है। इसे रोकना बेहद जरूरी है।”
इन आयोजनों में शराब परोसने पर रहेगी पूरी पाबंदी
बैठक में सर्वसम्मति से एक कड़ा प्रस्ताव पास किया गया। अब गांव में निम्नलिखित किसी भी प्रकार के सार्वजनिक या पारिवारिक आयोजनों में शराब नहीं परोसी जाएगी:
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शादी और सगाई समारोह
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मुंडन और जन्मदिन की पार्टियां
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श्राद्ध और अन्य धार्मिक आयोजन
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लकड़ी फड़ाई या मकान की लिंटर ढलान
कड़े नियम और सामाजिक बहिष्कार:
यदि गांव का कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो पंचायत उससे ₹51,000 का जुर्माना वसूलेगी। इसके साथ ही, नियम तोड़ने वाले परिवार के ऐसे आयोजनों का पूरा गांव मिलकर सामाजिक बहिष्कार भी करेगा।
प्रशासन से भी गुहार लगाएगा जड़धार गांव
ग्रामीणों ने केवल आयोजनों में ही नहीं, बल्कि गांव के भीतर और आसपास अवैध शराब की बिक्री पर भी पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगा, ताकि इस ऐतिहासिक पहल को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी मजबूती मिल सके।
ग्राम प्रधान धनवीर सिंह जड़धारी और महिला मंगल दल की अध्यक्ष ममता देवी ने इसे समाज हित का बहुत बड़ा कदम बताते हुए कहा कि वे इसे सख्ती से लागू कराने के लिए कटिबद्ध हैं। बैठक के अंत में सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में अपने गांव को नशा मुक्त गांव बनाने की शपथ ली।






