उत्तरकाशी: मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का हल्ला बोल
डीएम कार्यालय पर धरना और तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार

जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी : विश्वनाथ की नगरी उत्तरकाशी में सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। ‘आंगनवाड़ी कार्यकत्री सहायिका कर्मचारी संगठन’ के बैनर तले भारी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिसिया कार्रवाई से आक्रोश, केंद्रों पर तालाबंदी
संगठन का आरोप है कि बीते 14 मार्च को प्रदेश स्तरीय रैली के दौरान पुलिस प्रशासन ने कार्यकत्रियों के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की की थी। इस घटना से प्रदेश भर की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों में भारी रोष है। विरोध स्वरूप सभी ने आंगनवाड़ी केंद्रों में तालाबंदी कर पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
“झूठे आश्वासनों से अब काम नहीं चलेगा”
संगठन की जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी नौटियाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक सरकार हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक हड़ताल और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार झूठा आश्वासन देकर उनके साथ नाइंसाफी कर रही है।
आंगनवाड़ी संगठन की प्रमुख मांगें:
धरने के दौरान कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों का मांग-पत्र भी साझा किया:
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मानदेय: जीने लायक न्यूनतम मजदूरी के रूप में ₹18,000 प्रति माह मानदेय दिया जाए।
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रिटायरमेंट बेनिफिट: सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख की एकमुश्त राशि का शासनादेश (GO) जारी हो, तभी ₹300 की कटौती की जाए।
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बायोमेट्रिक का विरोध: आंगनवाड़ी केंद्रों में बायोमेट्रिक मशीन लगाने की योजना को तुरंत रद्द किया जाए।
धरने में शामिल प्रमुख चेहरा:
इस विरोध प्रदर्शन में सुमित्रा देवी, सुशीला चमोली, बिजला अस्वल, वंदना नौटियाल, मातेश्वरी थपलियाल, पुष्पा, सुनीता, संगीता, तारा देवी, विनीता, शारदा देवी, केदारी देवी, अनीता, मीरा, मीना, राजकुमारी, रेखा, सुषमा, कुसुम और सीमा सहित सैकड़ों कार्यकत्रियां उपस्थित रहीं।






