
जन एक्सप्रेस/ पुरोला : ब्लॉक प्रमुख रणदेव सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित मोरी क्षेत्र पंचायत की बैठक में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक में क्षेत्रीय विधायक दुर्गेशवर लाल और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जय भारत सिंह की मौजूदगी के बावजूद कई विभागों के उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
PWD पर ‘दोहरे बजट’ का आरोप: जांच की मांग
बैठक में कनिष्ठ प्रमुख कमलेश रावत ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए:
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विवादित बजट: मोरी-सांकरी-जखोल मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए पहले ही ₹32.50 करोड़ स्वीकृत हैं।
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संदेह का कारण: इसी मार्ग पर दैवीय आपदा और जिला योजना के नाम पर दोबारा ₹48 लाख से अधिक की धनराशि स्वीकृत करने पर सवाल उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
विद्युत विभाग: “सालों से बंद सबस्टेशन और लटकते तार”
विद्युत विभाग के खिलाफ भी सदन में भारी नाराजगी दिखी:
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सांकरी सबस्टेशन: वर्षों से बंद पड़े 33 केवी सबस्टेशन को तत्काल चालू करने की मांग की गई।
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अंधेरे में परिवार: माकुड़ी ग्राम प्रधान मनीषा रावत ने बताया कि रहधार और बड़तुली तोक में 60 परिवार आज भी बिजली का इंतजार कर रहे हैं।
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अधिकारियों का रवैया: अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत पर CDO ने सख्त निर्देश दिए कि सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन अनिवार्य रूप से रिसीव करें।
सिंचाई और नेटवर्क की समस्या
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लाल धान की खेती पर संकट: खड़साड़ी की प्रधान अमीना रावत ने बताया कि नहरें क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रसिद्ध लाल धान की खेती बर्बाद हो रही है। थली गांव की नहर भी लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रही है।
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डिजिटल कनेक्टिविटी: क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में नेटवर्क न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।






