
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: टिहरी जिले में पात्र लाभार्थियों के हक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पीएम आवास योजना की लाभार्थी को मनरेगा मजदूरी का लाभ न देने के मामले में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) मकान लाल पठोई को दोषी पाते हुए उन पर ₹20,235 का आर्थिक दंड लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में यह तथ्य सामने आया कि मंजू देवी (पत्नी बुद्धि सिंह) के आवास निर्माण के लिए 9 फरवरी 2023 को कार्यादेश जारी किया गया था। नियमों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 95 कार्य दिवसों की मजदूरी का लाभ मिलना अनिवार्य था। सॉफ्टवेयर प्रणाली के अनुसार, आवास का वर्क कोड जनरेट होते ही मनरेगा का वर्क कोड स्वतः बन जाता है, जिसके लिए किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं होती।
अधिकारी की लापरवाही पड़ी भारी
तथ्यों के परीक्षण में पाया गया कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मकान लाल पठोई (वर्तमान तैनाती: विकासखण्ड थौलधार) को इन नियमों की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने लाभार्थी को मनरेगा लाभ दिलाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इस लापरवाही के कारण पात्र लाभार्थी को अपने आर्थिक हक से वंचित रहना पड़ा।
95 दिन की मजदूरी की होगी वसूली
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से अधिकारी पर दंड अधिरोपित किया है:
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दंड की राशि: ₹20,235/- (95 मानव दिवस × ₹213 प्रति दिवस मजदूरी दर)
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वसूली का निर्देश: जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी थौलधार को निर्देशित किया है कि संबंधित VDO से यह धनराशि वसूल कर 15 दिनों के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें।






