
जन एक्सप्रेस /हरिद्वार 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के लाखों स्वयंसेवक भारत सहित विश्व के 80 से अधिक देशों में सामूहिक योगाभ्यास करेंगे। इस संबंध में शांतिकुंज, हरिद्वार की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने प्रेरणादायी संदेश जारी कर सभी साधकों से निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास करने का आह्वान किया है।
अपने संदेश में श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि भारत अध्यात्म, धर्म और दर्शन की दृष्टि से सदैव विश्व का मार्गदर्शक रहा है। प्राचीन ऋषि परंपरा से प्राप्त अष्टांग योग मानव जीवन को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारतीय योग परंपरा से जुड़कर गौरव का अनुभव कर रहा है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति के आंतरिक जागरण, मानसिक संतुलन, सामाजिक उत्तरदायित्व और आध्यात्मिक चेतना का आधार है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और शांतिकुंज वर्षों से योग, प्राणायाम एवं यौगिक क्रियाओं का प्रशिक्षण देकर देश-विदेश के लोगों के स्वास्थ्य संवर्धन और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्रद्धेया शैलदीदी ने गायत्री परिवार के सभी परिजनों से युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रतिपादित योग चेतना को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए योग को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाला यह सामूहिक योगाभ्यास विश्व कल्याण, मानव एकता और भारतीय संस्कृति के संदेश को और अधिक सशक्त बनाएगा।




