गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर, तटवर्ती गांवों में बढ़ी सतर्कता

बी जी मिश्र/जिला संवाददाता
जन एक्सप्रेस /हरदोई :– गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच हरिद्वार और नरौरा से लगातार पानी का प्रवाह जारी है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार से गंगा में 97,362 क्यूसेक तथा नरौरा से 1,67,688 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया है। इसके चलते गंगा के कई घाटों पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है। हरदोई के राजघाट पर जलस्तर 125.480 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित चेतावनी बिंदु 125.310 मीटर से 17 सेंटीमीटर ऊपर है।
राजघाट पर खतरे का निशान 125.810 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर और सोमवार को प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को देखते हुए नायब तहसीलदार सवायजपुर राजेश पटेल ने राजस्व टीम के साथ गंगा व रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने कुसुमखोर, तेरा और चियासर गंगा घाटों का भी जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन और नदी के जलस्तर की स्थिति को परखा। तटवर्ती गांवों में भी निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
गर्रा नदी में केंद्रीय जल आयोग की साण्डी साइट पर जलस्तर 127.600 मीटर दर्ज किया गया।
नायब तहसीलदार सवायजपुर राजेश पटेल ने कहा कि सोमवार को कांवड़ यात्रा और गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गंगा व रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों तथा प्रमुख घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कुसुमखोर, तेरा और चियासर घाटों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। जलस्तर को देखते हुए सभी लोग सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।






