
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छतरपुर जिला कारागार में 15 से 21 जून तक आयोजित सात दिवसीय योग सप्ताह का शनिवार को समापन हुआ। गायत्री परिवार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त पहल से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था। समापन अवसर पर कई बंदियों ने कहा कि योग ने उन्हें तनाव से मुक्ति दिलाने के साथ मानसिक शांति भी प्रदान की।
योग सप्ताह का शुभारंभ 15 जून को जिला न्यायाधीश विष्णु प्रसाद सोलंकी और डॉ. वीरेंद्र कुमार चडार ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक योगेंद्र पवार और मनीष त्यागी के मार्गदर्शन में हुआ। सात दिनों तक गायत्री परिवार के प्रशिक्षित योगाचार्यों ने प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। महिला बंदियों को योग प्रशिक्षण तारा रैकवार ने दिया।
योग सत्रों में प्रतिभागियों को मंडूकासन, भुजंगासन, सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, सिंह गर्जना सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। गायत्री परिवार के संदीप परिब्राजक ने प्रज्ञा गीतों और प्रेरक संदेशों के माध्यम से जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। वहीं हरि ओम चौरसिया ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया तथा बाला प्रसाद चौरसिया ने हास्य योग के माध्यम से तनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया।
21 जून को आयोजित समापन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार देवरलिया की उपस्थिति में बंदियों ने अपने अनुभव साझा किए। कई बंदियों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से उनकी नींद में सुधार हुआ, मानसिक तनाव कम हुआ और गुस्से पर नियंत्रण रखने में मदद मिली।
जेल अधीक्षक योगेंद्र पवार ने गायत्री परिवार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सुधारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






