
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: रूस से आए 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गायत्री तीर्थ शांतिकुंज और देव संस्कृति विश्वविद्यालय (देसंविवि) का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और मूल्य-आधारित शिक्षा प्रणाली का गहन अध्ययन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शांतिकुंज के आध्यात्मिक वातावरण, अनुशासित जीवनशैली और विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को वैज्ञानिक आध्यात्मिकता के माध्यम से मानवीय उत्कृष्टता के विकास के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और जीवन मूल्यों को निकट से समझने में गहरी रुचि दिखाई।
प्रतिनिधिमंडल ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या से भी मुलाकात की। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, सनातन ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक जीवन-दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
रूसी प्रतिनिधियों ने शांतिकुंज के शांत, प्रेरणादायक और सकारात्मक वातावरण की सराहना करते हुए इसे आत्मिक विकास का उत्कृष्ट केंद्र बताया। साथ ही उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के मूल्य-आधारित शिक्षा मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा को प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और अविस्मरणीय बताते हुए शांतिकुंज एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा विश्वभर में शांति, सद्भाव, मानवीय मूल्यों और सर्वांगीण विकास के संदेश के प्रसार की सराहना की।






