बाढ़ की स्थिति के संबंध में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

रिपोर्ट-बी जी मिश्र
जन एक्सप्रेस/हरदोई: स्वामी विवेकानन्द सभागार में जनपद में बाढ़ की स्थिति एवं उससे निपटने की तैयारियों के संबंध में मा0 प्रभारी मंत्री असीम अरूण की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रभारी मंत्री ने जनपद में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों, जलस्तर तथा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। सिंचाई विभाग द्वारा 05 परियोजनाओं में कराए गए कार्यों की स्थिति प्रेजन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई। प्रभारी मंत्री ने परियोजनाओं में कार्य से पूर्व एवं कार्य के बाद की स्थिति को देखा तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति एवं प्रभाव के संबंध में जानकारी ली। पूर्ति विभाग की समीक्षा मे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं राशन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेते हुए प्रभारी मंत्री को अवगत कराया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सितंबर माह तक राशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
बैठक में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि बाढ़ राहत से संबंधित आवश्यक संसाधनों, राहत किट, भूसा एवं चारा आदि की व्यवस्था के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। पशुपालन विभाग से बाढ प्रभावित पशुओं के उपचार, दवाओं, पशु राहत शिविरों तथा चारे की उपलब्धता के संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली। प्रभारी मंत्री ने वेटनरी टीमों को गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ से पूर्व की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी ली गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं, मेडिकल टीमों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। मा0 प्रभारी मंत्री जी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सर्पदशं के सम्बन्ध मे जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया गया कि सर्पदंश की स्थिति में उपयोग होने वाली एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन उपलब्ध है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। क्लोरीन टैबलेट एवं ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बाढ़ से मकानों को होने वाली क्षति के संबंध में भी समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित एवं क्षतिग्रस्त मकानों का समयबद्ध सर्वे एवं सत्यापन कराया जाए तथा पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मकान क्षति सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रभारी मंत्री ने राहत शिविर एवं बाढ़ कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का स्वयं फोन करके जायजा लिया। उन्होंने कंट्रोल रूम पर तैनात कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए प्राप्त होने वाली सूचनाओं एवं शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुछ ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों को पहले से चिह्नित कर लिया जाए, जहां आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर एवं मेडिकल टीमों के साथ दवाओं तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यकतानुसार नाव, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों को भी तैयार रखा जाये। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के साथ समन्वय बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाये।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह, सदस्य विधान परिषद अशोक अग्रवाल,अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दीपाली भार्गव, नगर मजिस्टेªट संजय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






