
जन एक्सप्रेस/ उत्तरकाशी: प्रशासनिक सीमा परिवर्तन के बाद भी विभागीय अभिलेखों और सेवाओं का स्थानांतरण पूरा नहीं होने से गाजणा पट्टी के सौंदी गांव के ग्रामीणों को आज भी दो जिलों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपकर सभी विभागों का संचालन तत्काल उत्तरकाशी से शुरू कराने और स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्रामीण जयपाल सिंह चौहान और पूर्व ग्राम प्रधान आनंद सिंह पंवार द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि 30 नवंबर 2023 को जारी शासन के आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत सौंदी को तहसील प्रतापनगर (टिहरी गढ़वाल) से अलग कर तहसील डुंडा, जनपद उत्तरकाशी में शामिल कर दिया गया था। इसके बावजूद कई विभागों के अभिलेख और प्रशासनिक कार्य अब भी टिहरी से संचालित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा, बाल विकास, खाद्यान्न, सहकारिता, लघु सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएमजीएसवाई, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य, पशुपालन सहित कई विभागों के कार्यों के लिए उन्हें आज भी टिहरी जाना पड़ता है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीणों का समय एवं आर्थिक संसाधन दोनों व्यर्थ हो रहे हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों की मांग है कि सभी संबंधित विभागों का प्रशासनिक नियंत्रण शीघ्र उत्तरकाशी स्थानांतरित किया जाए तथा ग्रामवासियों का स्थायी पता और सभी सरकारी अभिलेख भी उत्तरकाशी जनपद में अद्यतन किए जाएं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर राजस्व, शिक्षा, बाल विकास, खाद्यान्न, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, वन, स्वास्थ्य, पशुपालन और सहकारिता सहित सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उनका कहना है कि सीमा परिवर्तन के बाद भी विभागीय स्थानांतरण लंबित रहने से आम लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।






