
जन एक्सप्रेस/नई टिहरी :- टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर सुमन पार्क में चल रहा जनजागरण अभियान रविवार को आठवें दिन भी जारी रहा। टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे अभियान में मेडिकल कॉलेज को जिला मुख्यालय नई टिहरी में स्थापित करने की मांग को लेकर लोगों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
धरने पर बैठे वरिष्ठ भाजपा नेता जीतराम भट्ट ने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेज को लेकर चल रहा जनजागरण अभियान 15 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र में जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।
वार्ड पांच-ए में हुई जनजागरण बैठक
इसी क्रम में टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति की ओर से वार्ड पांच-ए में जनजागरण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के संयोजक डा. राकेश भूषण गोदियाल, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, आशी रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली, कमल सिंह महर, इरशाद, कुलदीप पंवार, देवेंद्र नौडियाल और मुशर्रफ अली समेत अन्य लोग शामिल हुए।
बैठक में मौजूद लोगों ने मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए पूर्ण सहयोग देने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना जिला मुख्यालय नई टिहरी में ही की जानी चाहिए।
15 अगस्त तक निर्णय नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघर्ष समिति ने कहा कि यदि 15 अगस्त तक सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति के अनुसार, जिला मुख्यालय नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग है और इसे लेकर लगातार जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।
सुमन पार्क में आयोजित कार्यक्रम में जीतराम भट्ट के नेतृत्व में अनिता, सुषमा भट्ट, उर्मिला सुयाल, कमला लोहनी, हर्षिला उनियाल, देवानंद भट्ट, जमुना प्रसाद, अभिनव, दीपक, मदन सिंह चौहान, सोहन सिंह राणा, नंदू वाल्मीकि, आर्यन भट्ट, नरोत्तम दत्त जखमोला और जमुना प्रसाद भट्ट समेत कई लोग मौजूद रहे।
अभियान को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिला। इनमें समिति के संयोजक डा. आरबी गोदियाल, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत, महामंत्री मनोज चमोली, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशा रावत, डा. यूएस नेगी, शिवराज पंवार, माया राम डोभाल, टीकम सिंह चौहान, राकेश राणा, पूर्व पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली और विक्रम सिंह कठैत समेत कई प्रतिनिधि शामिल रहे।






