
रिपोर्ट – पंकज कुमार पाण्डेय
जन एक्सप्रेस /पिथौरागढ़ :- जनपद के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं आमजन के लिए सुलभ बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल ने धारचूला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सबसे पहले अस्कोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, कार्मिकों की उपस्थिति तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान लंबे समय से अनुपस्थित पाए गए एक कार्मिक के संबंध में उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्मिक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात सभी कार्मिकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि दूरदराज से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।इसके बाद सीएमओ ने जौलजीबी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुंज्याल से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, स्टाफ तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने जौलजीबी पीएचसी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा को मजबूत किया जाना आवश्यक है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डिलीवरी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य में डिलीवरी पॉइंट को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण एवं अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली।इसके पश्चात डॉ. चुफाल ने उप जिला चिकित्सालय धारचूला का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों, जांच तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में सीधे जानकारी प्राप्त की। मरीजों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव भी सुने।

सीएमओ ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने तथा बायो मेडिकल वेस्ट का निर्धारित मानकों के अनुरूप उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण की दृष्टि से स्वच्छता का विशेष महत्व है, इसलिए बायो मेडिकल वेस्ट को खुले में न रखा जाए और उसका नियमानुसार निस्तारण किया जाए।उन्होंने अस्पताल के वार्डों में मरीजों की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए प्रतिदिन बेडशीट बदलने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपचार के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।सीएमओ के इस भ्रमण से विशेष रूप से जौलजीबी को डिलीवरी पॉइंट के रूप में विकसित किए जाने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे जौलजीबी और आसपास के ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने की उम्मीद है।भ्रमण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक हिमांशु पाण्डेय तथा पंकज कुमार भी मौजूद रहे।






