श्रद्धा हत्याकांड: आफताब के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर अगली सुनवाई 6 अप्रैल को

नई दिल्ली। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने बहुचर्चित श्रद्धा हत्याकांड के आरोपित आफताब के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर सुनवाई टाल दी है। एडिशनल सेशंस जज मनीषा खुराना कक्कड़ ने अगली सुनवाई 6 अप्रैल को करने का आदेश दिया।
आफताब की ओर से 31 मार्च को कहा गया था कि जेल में आफताब के साथ दूसरे कैदियों ने मारपीट की है। उसके बाद कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि आफताब की पेशी के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें। 25 मार्च को आफताब ने अपना वकील दोबारा बदल लिया था। आफताब ने विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मिले वकील को बदलते हुए वकील अक्षय भंडारी को अपना वकील नियुक्त किया था।
सुनवाई के दौरान श्रद्धा के पिता की ओर से पेश वकील ने ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग देने की मांग की और कोर्ट को भरोसा दिया कि वो उसका खुलासा कहीं नहीं करेंगे। कोर्ट ने फिलहाल श्रद्धा के वकील को ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस पर आफताब और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।
दिल्ली पुलिस ने 20 मार्च को साकेत कोर्ट को बताया था कि आफताब ने सोच समझ कर इस घटना को अंजाम दिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि परिस्थिति जन्य साक्ष्य से पता चलता है कि श्रद्धा और आफताब का लिव-इन रिलेशन हिंसक था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि श्रद्धा प्रैक्टो ऐप के जरिये डॉक्टरों से परामर्श भी ले रही थी। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में श्रद्धा की काउंसलिंग का वीडियो प्ले कर दिखाया था जिसमें श्रद्धा कह रही है कि आफताब उसको खोज लेगा और मार देगा।
दिल्ली पुलिस ने कहा था कि श्रद्धा और आफताब का लिव इन रिलेशन हिंसक था। इतना ही नहीं श्रद्धा ने आरोप भी लगाया था कि आफताब उसको मारता और गाली देता था। श्रद्धा को मारकर टुकड़ों में काटने की भी धमकी देता था और तो और आफताब ने उसे मारने की भी कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस ने कहा था जांच के दौरान पुलिस को श्रद्धा की हड्डी, जबड़ा, और खून के निशान मिले। श्रद्धा के खून फ्रीज और कमरे की अलमारी में लगे हुए मिले।
दिल्ली पुलिस ने कहा था कि श्रद्धा के शरीर के अंग अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए और उसकी डीएनए रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वे अंग श्रद्धा के ही थे। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि कहा आरोपित आफताब की फ्रीज में आरी, पानी, क्लीनर और अगरबत्ती खरीदने के भी सबूत हैं। आज दिल्ली पुलिस की ओर से दलीलें पूरी हो गई।
दिल्ली पुलिस की ओर से 7 मार्च को पेश स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमित प्रसाद ने कहा खा कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या वैसे ही टुकड़े-टुकड़े कर की जैसी श्रद्धा ने महाराष्ट्र पुलिस से अपनी शिकायत में कही थी। अमित प्रसाद ने कहा कि आफताब एक ट्रेंड बावर्ची है और उसे हाड़-मांस को कैसे संरक्षित रखा जाता है, उसका पता है। उसे विभिन्न प्रकार के चाकू के इस्तेमाल की विशेषज्ञता है। उसे चाकुओं और औजारों के इस्तेमाल कर उसे साफ करने का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने कहा था कि इस मामले में मजबूत परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं, जिससे साफ पता चलता है कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या की।
आफताब अभी न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने 23 दिसंबर, 2022 को आफताब के आवाज के नमूने (वॉयस सैंपल) लेने की दिल्ली पुलिस को अनुमति दी थी। 22 दिसंबर, 2022 को आफताब ने कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। आफताब ने कोर्ट से कहा था कि वो अभी जेल से बाहर नहीं आना चाहता है। 17 दिसंबर, 2022 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आफताब के वकील एमएस खान को बताया था कि आफताब का ई-मेल आया है कि उसने वकालतनामा पर हस्ताक्षर जरूर किया है, लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि जमानत याचिका दायर हो रही है।
साकेत कोर्ट ने 21 नवंबर, 2022 को आरोपित आफताब का पॉलीग्राफी टेस्ट करने की अनुमति दी थी। उसके पहले साकेत कोर्ट ने आफताब का नार्को टेस्ट करने का आदेश दिया था। श्रद्धा आफताब के साथ रहती थी। आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर करीब तीस टुकड़े कर दिए थे। उसके शव के टुकड़ों को फ्रिज में रखा हुआ था। वो शव के अंगों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर फेंकता था। बाद में पुलिस ने आफताब की निशानदेही पर श्रद्धा के कई अंगों को बरामद किया।






