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मन की बात’ में राजस्थान के शौर्य-बलिदान, विरासत की तारीफ

जयपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 अक्टूबर 2014 से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं, स्कूली बच्चों, नवाचार करने वाले युवाओं, नागरिकों को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों और अपने विचारों से जोड़ रहे हैं। नागरिकों के साथ सीधे जुड़ाव और मार्गदर्शन का यह अद्भुत उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में राजस्थान की माटी, सांस्कृतिक विरासत, शौर्य और बलिदान की गाथा को तहेदिल से उजागर करते हुए इसकी तारीफ की है।

‘मन की बात’ में राजस्थान के दूर-दराज के लोगों द्वारा किए गए कामों की तरजीह देते हुए प्रधानमंत्री ने पूरे देश का ध्यान आकृष्ट किया है। मन की बात के अब तक के 99 संस्करणों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार राजस्थान का जिक्र ही नहीं किया बल्कि सीकर की कच्ची बस्तियों की ग़रीब बेटियों की आत्मनिर्भरता, पुलवामा हमले में शहीद हुए कोटा जिले के हेमराज मीणा, सौर ऊर्जा में नवाचार करने वाले कमल मीणा, उदयपुर के बेदला गांव में बरसों पुरानी बावड़ी के जीर्णोंद्धार करने के कार्यों की तारीफ की है। सम्भवतः यह पहली बार है जब रेडियो के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के जज्बे को पूरे देश में पहुंचाया गया है। राजस्थान के प्रति उनके लगाव के ही रूप में इसे वर्णित किया जाना चाहिए।

आइए, बात करते हैं-मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत से ही। 03 अक्टूबर 2014 को इस कार्यक्रम की शुरुआत होने के एक माह में ही प्रधानमंत्री मोदी ने 02 नवम्बर 2014 को अजमेर के अभिषेक पारीक, 27 जनवरी 2015 को चौथी कड़ी में जेएनयू में पढ़ने वाले ओमप्रकाश, 20 सितम्बर 2015 को 12वीं कड़ी में अलवर के पवन आचार्य का जिक्र किया और उनके हौसलों की तारीफ की। 31 जनवरी 2016 को 16वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने दौसा की गीता महावर और कोमल महावर के खादी उत्पादन में योगदान को रेखांकित किया। गीता व कोमल दौसा खादी समिति की वर्कर थीं और इनकी कई पीढ़ियां कातिन का काम करती आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दौसा की गीता देवी, कोमल देवी ने पत्र लिखकर उन्हें बताया है कि सौर ऊर्जा से चलने वाले चरखे के कारण उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। इससे उनकी आय दोगुनी हुई है और मेहनत भी कम हुई है। प्रधानमंत्री ने सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर की जा रही वन्य जीवों एवं जंगल की चित्रकारी का जिक्र किया और यहां के कलाकारों की तारीफ करते हुए इसे स्वच्छ एवं सुंदर भारत के लिए किए जा रहे प्रयासों में एक कारगर पहल बताया।

मोदी ने 22 मई 2016 को 20वें एपिसोड में जोधपुर के संतोष गिरी गोस्वामी की प्रतिभा को सराहा। संतोष ने पीएमओ एप पर बताया था कि उन्होंने 18 साल पहले बालेसर से 40 प्रतिशत से दसवीं और 48 प्रतिशत से बारहवीं पास की। उनका परिवार बहुत चिंतित रहता था कि उनका आगे क्या होगा। उन्होंने बताया कि वे 8 साल से एक होटल में मैनेजर हैं और आराम का जीवन जी रहे हैं। संतोष की इस उपलब्धि को मोदी ने सराहा।

इसी तरह 27 मई 2018 को 44वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने सीकर की कच्ची बस्तियों की गरीब बेटियों की आत्मनिर्भरता को सराहा था। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा था- मैं टी.वी. पर एक कहानी देख रहा था। राजस्थान के सीकर की कच्ची बस्तियों की हमारी गरीब बेटियों की। हमारी ये बेटियाँ, जो कभी कचरा बीनने से लेकर घर-घर मांगने को मजबूर थीं – आज वे सिलाई का काम सीख कर गरीबों का तन ढ़कने के लिए कपड़े सिल रही हैं। यहां की बेटियां, आज अपने और अपने परिवार के कपड़ों के अलावा सामान्य से लेकर अच्छे कपड़े तक सिल रही हैं | वे इसके साथ-साथ कौशल विकास का कोर्स भी कर रही हैं। हमारी ये बेटियां आज आत्मनिर्भर बनी हैं।

29 जुलाई 2018 को 46वें संस्करण में करौली जिले के रहने वाले सुंदर सिंह गुर्जर द्वारा पैरा-ओलंपिक में 61.33 मीटर भाला फेंक में सिल्वर मेडल जीतने वाले सुंदर सिंह गुर्जर की उन्होंने तारीफ की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। 24 फरवरी 2019 को 53वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले में शहीद हुए कोटा के हेमराज के शौर्य और बलिदान की जमकर प्रशंसा की थी।

26 जनवरी 2020 को इस कार्यक्रम के 61वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने जालोर जिले की पंचायत भद्रायूं और थानवाला में ‘जल संरक्षण’ में आमजन के योगदान को काफी सराहा था। 29 नवम्बर 2020 को 71वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने बारां जिले में रहने वाले मोहम्मद असलम की सराहना की। कहा कि- उन्होंने किसानों को जागरूक बनाने का काम किया है। वे एक किसान उत्पादक संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र के कई किसानों को लेकर एक व्हाट्सएप समूह बनाया है। मन की बात के 90वीं कड़ी में 26 जून 2022 को पीएम ने उदयपुर में प्राचीन सुल्तान की बावड़ी के कायाकल्प में युवाओं के योगदान की प्रशंसा की। 28 अगस्त 2022 को 92वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन की सुविधा से लाभान्वित हो रहे अजमेर के सेठा सिंह रावत की तारीफ की। 30 अक्टूबर 2022 को 94वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करने वाले देशों में भारत की उपलब्धि की सराहना करते हुए राजस्थान के भरतपुर के कमल जी मीणा का उदाहरण दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने 29 जनवरी 2023 को 97वीं कड़ी में भारत में लोकतंत्र की प्राचीनता की भी चर्चा तो की ही, साथ ही जैसलमेर के पुलकित के पत्र की भी चर्चा की। पुलकित ने उन्हें लिखा था कि परेड के दौरान कर्तव्य पथ का निर्माण करने वाले श्रमिकों को देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।

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