सीएचसी बड़ागांव में सुविधाओं का टोटा, लगे एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन तो मिले राहत
जनप्रतिनिधि दें चुके है तमाम आश्वासन

जन एक्सप्रेस /संवाददाता
मसौली-बाराबंकी। जनप्रतिनिधियों के तमाम आश्वासन के बावजूद भी बड़ागांव सीएचसी में अब तक एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं लग पाई है। जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को प्राइवेट सहित शहर की ओर रुख करना पड़ता है। वह भी ऐसे में जब प्रदेश की सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के बदलाव के बड़े-बड़े दावे करती है। बता दें कि गोण्डा बहराईच राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप ग्राम पंचायत बड़ागाँव में स्थित सीएचसी जिले की आदर्श सीएचसी के रूप में जानी जाती है। सीएचसी के संचालन के एक दशक बीत जाने के बाद भी अस्पताल में एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड जैसे मूल सुविधाओं का टोटा है। जबकि क्षेत्रीय सांसद से लेकर विधायक एव अन्य जनप्रतिनिधियों ने हमेशा जल्द से जल्द एक्सरे मशीन को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आज तक सीएचसी एक्सरे मशीन की राह ताक रही है। बीते 5 वर्षो मे जिला पंचायत की प्रत्येक बैठक मे तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य शकील सिद्दीकी ने सीएचसी बड़ागाँव में एक्सरे का मुद्दा उठाया हर बार जल्द से जल्द एक्सरे उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला परन्तु आज तक एक्सरे एव अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सके।बताते चले कि जिला मुख्यालय से जिले की अंतिम छोर तक एक मात्र बड़ागाँव सीएचसी हॉइवे के किनारे स्थित है नतीजा यह है कि सीएचसी पर हमेशा इमरजेंसी में लोगो की आमद बनी रहती है इसके आलावा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को भी एक्सरे एव अल्ट्रासाउंड के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता हैं। अस्पताल में एक्सरे की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण छोटी छोटी बात पर जिला मुख्यालय रेफर कर देते है। जबकि अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती है परन्तु मशीन उपलब्ध न होने के कारण टेक्नीशियन को जिला कारागार में अटैच कर दिया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सांसद उपेंद्र सिंह रावत द्वारा गोद लिये जाने के बाद अस्पताल मे एक्सरे एव अल्ट्रासाउंड की समस्या से निजात नही मिली है।इस इस संबंध में डॉ0 संजीव कुमार ने बताया कि करीब ढाई लाख की आबादी के इलाज की जिम्मेदारी सीएचसी बड़ागाँव पर है। यहां प्रतिदिन 3 से 4 सैकड़ा मरीजो का ओपीडी में पंजीकरण होता है। दोनों मशीनों के लिए मांग पत्र भेजा गया है।






