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ED द्वारा लिए गए सभी फैसलों की होनी चाहिए जांच’

सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडी निदेशक संजय कुमार मिश्रा के तीसरे कार्यकाल को रद्द करने का विपक्षी नेताओं ने स्वागत किया है। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे एजेंसी का दुरुपयोग करने वालों के चेहरे पर तमाचा बताया। चतुर्वेदी ने कार्यकाल के विस्तार को अवैध बताते हुए मिश्रा द्वारा लिए गए सभी निर्णयों की जांच की भी मांग की। चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्कृष्ट निर्णय। उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो अधिकार का दुरुपयोग कर रहे थे और अवैध कार्यकाल विस्तार के माध्यम से आतंक और चरित्र हनन का माहौल बनाया था।

इसके साथ ही उद्धव गुट की नेता ने कहा कि साथ ही अगर ईडी निदेशक का एक्सटेंशन अवैध है तो उनके और उनकी टीम द्वारा लिए गए सभी फैसलों की जांच की जानी चाहिए अन्यथा उन्हें भी अवैध माना जाएगा। इस चुभने वाले फैसले के बाद क्या ईडी निदेशक के पास महीने के अंत तक पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार है?

मिश्रा के विस्तार को याचिकाओं के एक समूह द्वारा चुनौती दी गई थी, जो शीर्ष अदालत के सितंबर 2021 के आदेश पर आधारित थी। याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, जया ठाकुर और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा समेत अन्य शामिल हैं। लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने मिश्रा के सेवा विस्तार को अवैध करार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया।

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