उत्तर प्रदेशपीलीभीत

बाघ के हमले में किसान की मौत,जंगल के अंदर मिला अधखाया शव

ग्रामीणों ने जंगल में शोर शराबा कर बाघ से छुडाया शव 

जन एक्सप्रेस/ संवाददाता

पूरनपुर। धान के खेत में घास काट रहे किसान पर जंगल से निकले बाघ ने पीछे से हमला कर दिया। बाघ किसान को जंगल के अंदर खींच ले गया। पड़ोस में ही घास काट रहे अन्य दो साथियों ने बमुश्किल भाग कर जान बचाई।घटना की जानकारी से खलबली मच गई।दो घंटे चली खोजबीन के बाद जंगल के अंदर से शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना मंगलवार दोपहर 12 बजे महोफ रेंज से सटे गांव मथना जप्ती की है। मधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव जमुनिया खास निवासी तोताराम (45) पुत्र मैकूलाल गांव के ही राम बहादुर व एक अन्य के साथ पशुओं के लिए घास काटने गए हुए थे। तोताराम महोफ रेंज के जंगल से सटे धान के खेत में घास काटने लगा अन्य दो साथी भी पड़ोस में ही घास काटने लगे। इसी दौरान जंगल के किनारे झाड़ियां में घात लगाए बैठे बाघ ने तोताराम पर पीछे से हमला कर दिया। बाघ किसान को जबड़े में दबाकर जंगल के 200 मीटर अंदर खींच ले गया। जंगल के अंदर बाघ ने किसान को निवाला बना लिया। पड़ोस में ही घास काट रहे साथियों ने बमुश्किल भाग कर जान बचाई। घटना की जानकारी स्वजनों को लगते ही खलबली मच गई। वन विभाग की टीम के साथ आस पड़ोस के सैकड़ो ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर जुट गए। दो घंटे जंगल के अंदर खोजबीन के बाद किसान का अधखाया शव पड़ा मिला।

गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ किया हंगामा

किसान का शव मिलने से स्वजनो में चीत्कार मच गया। घटना को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। घटना की जानकारी पर सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी दिलीप कुमार तिवारी ,माला वन क्षेत्राधिकार रोबिन कुमार मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों की वन विभाग से तीखी झडप हुई। मृतक किसान के स्वजन मुआवजे की मांग पर एड गए। स्वजनों का कहना था कि 10 लाख का मुआवजा मिलने के बाद ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने के आश्वासन पर स्वजन पोस्टमार्टम को तैयार हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तोताराम के चार बेटे व चार बेटियां हैं।तोताराम की मौत से पत्नी सुशीला को दो बेटियों के हांथ पीले करने की चिंता सताने लगी है।

 गुस्साए ग्रामीण बोले नहीं पकड़ा गया बाघ तो खुद संभालेंगे मोर्चा

ताबड़तोड़ रिहायशी इलाके में बाघ हमले की घटनाओं से ग्रामीण परेशान। डेढ़ माह में बाघ जंगल से निकलकर खेतों में कम कर रहे चार किसानों को हमला कर मौत के घाट उतार चुका है। मंगलवार दोपहर बाघ हमले की घटना को से किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित ग्रामीणों की वन विभाग से तीखी जड़प हुई। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग शीघ्र बाघ को नहीं पकड़वाता है तो ग्रामीण खुद मोर्चा संभालने के लिए मजबूर होंगे।

जंगल के पास घास काट रहे किसान की बाघ हमले से मौत हुई है।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्वजनों को शीघ्र ही मुआवजा दिलाया जाएगा। घटनाओं की रोकथाम के लिए माला व महोफ रेंज में 25 किमी. तार फेंसिंग का प्रस्ताव है। पीटीआर की ओर से शीघ्र तार फेंसिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।

संजीव कुमार, प्रभागीय निदेशक

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