
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने भारत में लिथुआनिया की राजदूत सुश्री डायना मिकेविचिएने से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार की संरक्षिका परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के शताब्दी समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
एआई और वैश्विक विकास पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), वैश्विक शांति, वैज्ञानिक अध्यात्म, नैतिक मूल्यों और मानव-केंद्रित विकास जैसे समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने राजदूत को देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘लोकतंत्र के लिए एआई: इंटेलिजेंट युग में समावेशी शासन को आकार देना’ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया।
शिक्षा और शोध सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवीय मूल्यों, नैतिकता और समावेशी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही भारत और लिथुआनिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच शिक्षा, शोध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक कल्याण के लिए सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी बल दिया गया।
10 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हैं एमओयू
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के लिथुआनिया के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों सहित कुल 10 अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हैं। इन समझौतों के माध्यम से छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, अकादमिक सहयोग, सेमिनार, कार्यशालाएं तथा ज्ञान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।






