राजा भैया और साली साध्वी सिंह को हाईकोर्ट का नोटिस, पत्नी भानवी को बड़ी राहत
मानहानि केस पर हाईकोर्ट की रोक, दो हफ्ते में जवाब तलब

जन एक्सप्रेस/लखनऊ/प्रतापगढ़।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी साली साध्वी सिंह को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ चल रही मानहानि से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
तीन हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई
न्यायमूर्ति सौरभ लावनिया की एकल पीठ ने यह आदेश भानवी कुमारी सिंह की तरफ से उनके अधिवक्ता अयोध्या प्रसाद मिश्रा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद तय की है।
सीजेएम कोर्ट की कार्यवाही को दी गई चुनौती
भानवी कुमारी सिंह ने लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह कार्यवाही साध्वी सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे के आधार पर शुरू हुई थी।
4 सितंबर 2023 को दर्ज हुआ था मुकदमा
यह मामला 4 सितंबर 2023 को हजरतगंज कोतवाली में साध्वी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें भानवी कुमारी सिंह पर मानहानि का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया, जिस पर सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए भानवी को समन जारी किया था।
भानवी के वकील की अहम दलील
भानवी की ओर से दलील दी गई कि- कथित अपराध की प्रकृति को देखते हुए केवल शिकायती मामला ही दर्ज किया जा सकता था पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर जांच कराना कानूनन गलत है मजिस्ट्रेट को सीधे संज्ञान नहीं लेना चाहिए था साथ ही कोर्ट को यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता आपस में बहनें हैं, जिससे मामला पारिवारिक विवाद का है।
शादी खत्म करने के मुकदमे से जुड़ा है विवाद
याचिका के अनुसार, राजा भैया ने 14 नवंबर 2022 को भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ विवाह विच्छेद (तलाक) का मुकदमा दायर किया था। इसी मुकदमे में भानवी द्वारा दाखिल जवाब के कुछ कथित बयानों को साध्वी सिंह ने मानहानिकारक बताते हुए आपराधिक मामला दर्ज कराया।
संपत्ति विवाद भी कोर्ट में लंबित
कोर्ट को यह भी अवगत कराया गया कि भानवी कुमारी सिंह ने साध्वी सिंह के खिलाफ कैंट इलाके की ‘रामायण’ नामक संपत्ति को लेकर स्थायी निषेधाज्ञा (स्थाई रोक) का एक अलग मुकदमा भी दाखिल कर रखा है। हाईकोर्ट ने कहा कि- यह विवाद दो बहनों के बीच का है और इसे मध्यस्थता के ज़रिए सुलझाया जा सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने अगले आदेश तक भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी।







