उत्तर प्रदेशचित्रकूट

बुंदेलखंड विकास निधि में बड़ा खेल! आरईएस की इंटरलॉकिंग सड़क ने छीनी ग्रामीण की आवासीय ज़मीन

शीतलपुर तरौहा गांव में मानकों के विपरीत सड़क निर्माण, ग्राम प्रधान व जेई पर जबरन कब्जे और धमकी के गंभीर आरोप

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट।जनपद चित्रकूट की मानिकपुर तहसील अंतर्गत ग्राम शीतलपुर तरौहा में बुंदेलखंड विकास निधि जिला हिस्सा वर्ष 2024-25 योजना के तहत ग्रामीण इंजीनियरिंग विभाग (आरईएस) द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के नाम पर उसकी वैध आवासीय भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।
पीड़ित ग्रामीण के अनुसार, सत्य नारायण के घर से राजुल कारवारिया तक बन रही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण मानकों के विरुद्ध किया जा रहा है। आरोप है कि इस दौरान ग्राम प्रधान अरिमर्दन सिंह उर्फ सोनू तथा संबंधित कनिष्ठ अभियंता जितेंद्र कुमार की मिलीभगत से उसकी निजी आवासीय भूमि पर जबरन कब्जा किया गया।ग्रामीण का कहना है कि उसकी भूमि राजस्व अभिलेखों व घरौनी के अनुसार उसके दादा स्व. भगवंदीन पुत्र स्व. बाबा दीन के नाम आबादी गाटा संख्या 420, प्लॉट संख्या 216 में विधिवत दर्ज है। इसके बावजूद निर्माण कार्य के दौरान भूमि को सड़क में शामिल कर लिया गया।पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इस अवैध कार्रवाई का विरोध किया, तो ग्राम प्रधान द्वारा उसके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया गया तथा जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। ग्रामीण ने बताया कि उसने कई बार मौखिक रूप से और फोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीण ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क को उसकी भूमि से तत्काल हटाया जाए, ताकि गांव में किसी भी प्रकार का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उसने दोषियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेता है या फिर विकास कार्यों की आड़ में गरीबों की ज़मीन पर कब्जे का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button