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लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने से कांग्रेस और मजबूत होगी: चिदंबरम

कोलकाता। पूर्व वित्त मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने से कांग्रेस और मजबूत होगी और अगले साल आम चुनावों में उसे इसका लाभ मिलेगा। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ‘‘अघोषित आपातकाल’’ करार देते हुए चिदंबरम ने ई-मेल के जरिए ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये गए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस को समाप्त करने की अपनी इच्छा के तहत उसे ‘‘मुख्य निशाना’’ बना रही है, ताकि क्षेत्रीय दलों को और आसानी से साध सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘‘सफाया नहीं होगा’’ और क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ ‘‘खड़े होंगे और लड़ेंगे।’’ कुछ अंश: प्रश्न: मानहानि मामले में अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने की पृष्ठभूमि में, आप देश के राजनीतिक परिदृश्य को कैसे देखते हैं? उत्तर: देश पहले से ही आपातकाल जैसी स्थिति में है। यह एक अघोषित आपातकाल है। आपातकाल के दौरान शिकायतों में से एक यह थी कि प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई थी। क्या यह स्थिति आज अलग है? पत्रकार और मीडिया की स्वतंत्रता आज कई प्रतिबंधों के अधीन हैं।

भाजपा का मुख्य निशाना कांग्रेस पार्टी है। उन्हें लगता है कि अगर वे चुनावी रणभूमि से कांग्रेस पार्टी को खत्म करने में सक्षम हो गए, तो क्षेत्रीय या राज्य-आधारित दल आसान लक्ष्य होंगे। वे दोनों मायने में गलत हैं। कांग्रेस पार्टी को समाप्त नहीं किया जा सकता है। क्षेत्रीय या राज्य-आधारित दल खड़े होंगे और लड़ेंगे। प्रश्न: क्या आपको लगता है कि राहुल गांधी की घटना 2024 के चुनावों में कांग्रेस की मदद करेगी? उत्तर: पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने कांग्रेस को और मजबूत किया है। हम जानते हैं कि हम एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा के खिलाफ लड़ते हुए एकजुटता, संघर्ष, त्याग से कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से मजबूत होगी। एक मजबूत कांग्रेस निश्चित रूप से (2024) चुनाव में एक बड़ी ताकत होगी।

प्रश्न: कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के रूप में, इस समय राहुल गांधी को आपकी क्या सलाह होगी? उत्तर: उन्हें (राहुल गांधी को) मेरी सलाह की जरूरत नहीं है और मैं उन्हें सलाह नहीं देता। वह बहादुर और निडर हैं। भारत जोड़ो यात्रा में उन्होंने अपने धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया- ऐसे गुण जिन्हें बहुत से लोग गांधी में पाकर खुश हैं। प्रश्न: तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा से गांधी को अयोग्य करार दिए जाने को ‘‘संवैधानिक लोकतंत्र के लिए एक नया निम्न स्तर’’ बताया है, लेकिन पार्टी पहले कह चुकी है कि कांग्रेस को ‘‘खुद को विपक्षी मोर्चे का बिग बॉस नहीं मानना चाहिए और क्षेत्रीय दलों को उचित सम्मान देना चाहिए।

इस पर आपकी क्या राय है? उत्तर : मोटे तौर पर, मैं उस विचार से सहमत हूं। जहां तक मेरी जानकारी है, कांग्रेस का नेतृत्व अलग तरीके से नहीं सोचता। हमें लगता है कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति, साझा लक्ष्यों और आपसी सम्मान की आम समझ के जरिए ही विपक्षी एकता को हासिल और कायम रखा जा सकता है। कांग्रेस में किसी ने भी सुझाव नहीं दिया है कि कांग्रेस को बिग बॉस होना चाहिए। जिस तरह सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने संप्रग (गठबंधन और सरकार) का असाधारण सूझ-बूझ और कुशलता से नेतृत्व किया- इस तथ्य का प्रमाण है कि कांग्रेस में किसी को भी श्रेष्ठता का बोध नहीं है।

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